Thu. Aug 13th, 2020

चार महिलाएँ सहित २९ लोगों ने रक्तदान किया

  • 19
    Shares

नेपालगन्ज (बाँके) पवन जायसवाल ।
बाँके जिला के नेपालगन्ज के जनमत अद्र्ध साप्ताहिक द्वारा कार्तिक ३० शनिवार को रक्तदान कार्यक्रम की आयोजन किया गया, जिस में ४ महिलाएँ सहित २९ लोगों ने रक्तदान किया । जनमत अद्र्ध साप्ताहिकद्वारा आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में स्वयम्सेवी रक्तदाता, पत्रकार, उद्योग व्यवसायी लगायत लोगों ने रक्तदान किया था ।
वह पत्रिका के सम्पादक पूर्णलाल चुके के अनुसार त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम का ४४ वाँ श्रृङ्खला में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा द्घारा सञ्चालित क्षेत्रीय रक्त संचार सेवा केन्द्र नेपालगन्ज में किया गया रक्तदान कार्यक्रम में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा के सभापति गोवद्र्धन सिंह सम्झना और कार्यक्रम संयोजक पवन जायसवाल दोनों लोग दो प्राविधिक को खून की पाकेट हस्तान्तरण करके वह कार्यक्रम की शुभारम्भ किया था ।


जनमत की रजत वर्ष–२०६३ से ‘रक्तदान जीवनदान’ उद्देश्य के साथ नियमित रुप में सञ्चालित ‘त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम’ में स्वयम्सेवी रक्तदाता युवा उद्योगपति डिला शाह, नियमित रक्तदाता नीरजमान श्रेष्ठ, श्वेता शाक्य बज्राचार्य, अमित अग्रवाल, पत्रकार शंकर प्रसाद खनाल, राकेश कुमार मिश्र रक्तदान किये थे ।
इसी तरह तारा कुमारी रोकाय, लक्ष्मण कुमार वैश्य, पवन कुमार वैश्य, विनोद कुमार वैश्य, धर्मेन्द्र सिंह, उर्दू युवा साहित्यकार असफाक संघर्ष ताविस, गौतम प्रसाद पौडेल, गुरुदीन यादव, सुरेन्द्र वि.क., दिपक चौधरी, गाणेश चौधरी, जगत बहादुर कुर्मी, संदीप पौडेल, युवराज डाँगी, कपिलवस्तु के निवासी डा. मुकेश चौधरी, शिक्षक हिम बहादुर कार्की, जानु जसगढ, क्षेत्रीय रक्त संचार सेवा केन्द्र नेपालगन्ज के प्राविधिक होमराज गिरी, गुञ्जा कनौजिया, सञ्जय बढही, रबिन्द्र कुमार मिश्र, रक्तदान किये थे इसी तरह के राधा कृष्ण चौधरी, तुलाराम थारु लगायत लोगों ने रक्तदान किये थे वह पत्रिका के समपादक पूर्णलाल चुके ने बताया ।
स्वास्थ्य विज्ञान की अनुसार नियमित रक्तदान करने पुरुषों में होनेवाली क्ष्चयल यखभचयिबम कम होती है और हृदयघात होने की सम्भावना ८८ प्रतिशत कम होती है । क्यान्सर और मधुमेह रोग होने की सम्भावना कम होती है, प्रत्येक दिन हर ब्यक्ति के शरीर ८० मिली लिटर खून नष्ट हो जाती है, रक्तदान करने के बाद में शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनती है इस लिये वह रक्त प्रणाली ताजा होती है और आप जो रक्तदान किये है वह खूनदान की मात्रा चार साता के अन्दर पुनः तयार होती है इस लिये निश्चिन्त होकर रक्तदान कर सकते है ।
वह कार्यक्रम में युवा व्यवसायी विष्णु कक्षपति, रक्त सञ्चार केन्द्र के प्राविधिकों में सुनिता कुमाई, होमराज गिरी, गुञ्जा कनौजिया और सुनिल थापा मगर ने सहयोग किया था ।
रक्तदान कार्यक्रम में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा के मन्त्री अजीज अहमद सिद्दीकी, पत्रकार जय नारायण शाह, रुपन ज्ञवाली लगायत लोगों की उपस्थित रही थी और कार्यक्रम में बिष्णु प्रसाद कक्षपति और रुसतम अली ईद्रसी ने कार्यक्रम की ब्यवस्थापन में सहयोग किये थे ।
बि.सं. २०६३ साल वैशाख महीने से से निरन्तर रुप में रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन करते आ रहें है त्रैमासिक रक्तदान कार्यक्रम में अभी तक करीब २ हजार ७ सा से अधिक संख्या में स्वयम्सेवी रक्तदाताओं ने रक्तदान कर चुके है सम्पादक पूर्णलाल चुके ने जानकारी दी है ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: