विश्लेषक खगेन्द्र का कटाक्षः साझा तथा विवेकशील पार्टी पानी का बुलबुला है
३ दिसम्बर, काठमांडू । वैकल्पिक शक्ति के रुप में खुद को खडा करने के लिये साझा और विवेकशील पार्टी क्रियाशील है । लेकिन दोनों पार्टी ने उपनिर्वाचन में लज्जास्पद मत प्राप्त किया, जो सञ्चारमाध्यम तथा सामाजिक सञ्जाल में चर्चा का विषय है ।
मंगलवार लेखक तथा विश्लेषक खगेन्द्र संग्र्रौला ने काँग्रेस तथा कम्युनिस्ट को सनातनी भ्रष्ट दलों का संज्ञा दिया और साझा तथा विवेकशील पार्टी को पानी का बुलबुला का नाम दिया है । उपनिर्वाचन के परिणाम को लेकर संग्रौला ने चुनाव प्रचार के क्रम में बताया कि जनता का विश्वास साझा तथा विवेकशील पार्टी प्रति नहीं दिख रहा है ।
हुआ भी वैसा ही, एक प्रतिशत मत भी नहीं ला पाने कारण उन लोगों ने भी महसूस किया कि जनता उन पर कितना विश्वास करती है । सामाजिक सञ्जाल ट्वीटर में ट्वीट करते हुये लेखक संग्रौला ने कहा कि ‘जनता ने सनातनी भ्रष्ट दल को विकल्प के रुप में अवश्य चयन किया है जो साझा तथा विवेकशील जैसा पानी का बुलबुला नहीं है ।

