असल चरित्र निर्माण और सामाजिक विकास अध्यात्म से सम्भवः मुख्यमन्त्री पोखरेल
दाङ, ८ दिसम्बर । प्रदेश नं. ५ के मुख्यमन्त्री शंकर पोखरेल ने कहा है कि सामाजिक विकास के लिए असल चरित्र निर्माण होना आवश्यक है और वह असल चरित्र अध्यात्म से सम्भव है । घोराही में ब्राह्मकुमारी मधुवन आध्यात्मिक पुनर्जागरण केन्द्र की शिलान्यास करते हुए मुख्यमन्त्री पोखरेल ने ऐसा कहा है ।
उनका मानना है कि सामाजिक विकास के लिए नैतिक चरित्र आवश्यक होता है और ऐसा नैतिक चरित्र अध्यात्म से ही सम्भव है । मुख्यमन्त्री पोखरेल ने कहा– ‘आध्यात्मिक शिक्षा नैतिक चरित्र निर्माण की आधार है । इसके लिए निर्माण हो रहे पुनर्जागरण केन्द्र इसके लिए महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कर सकती है ।’
मुख्यमन्त्री पोखरेल ने यह भी कहा है कि पुराने सामाजिक मूल्य–मान्यता आज ध्वस्त होती जा रही है और नयां निर्माण भी नहीं हो रहा है, जिसके चलते अभी समाज में विचलन आ गया है । उन्होंने कहा– ‘विचलित समाज को सही ट्रैकपर लाने के लिए आध्यात्मिक चिन्तन उपयोगी हो सकती है ।’
ब्राह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राप्ती के प्रमुख गीता न्यौपाने ने कहा कि दाङ जिला स्थित घोराही में लगभग १५ करोड लागत में आध्यात्मिक पुनर्जागरण केन्द्र स्थापना हो रही है । स्थानीय देवराज पाण्डे परिवार की ओर से दान स्वरुप प्राप्त ७ कठ्ठा जमीन में उक्त केन्द्र निर्माण हो रहा है । इसके साथ साथ भवन निर्माण के खातिर संघीय सरकार की ओर से ४० लाख रकम भी विनियोतिज है ।
न्यौपाने के अनुसार केन्द्र में ५ सौ लोगों के लिए सभाहल, २ सौ क्षमता की आवसीय भवन, कुलत और तनाव व्यवस्थापन के लिए परापर्श केन्द्र, शैक्षिक कक्षा संचालन के खातिर भवन निर्माण हो रहा है ।

