शीतलहर से तराई क्षेत्र का जनजीवन कष्टकर
ठन्ढ मौसम के शुरुवात के साथ ही तराई भाग में शीतलहर प्रारम्भ हो गया है । भीषण कोहरा के साथ हवा के चलने शीतलहर शुरु हो गया है । गत सोमवार से ठन्ढ बढी है पर आज बुधवार से शीतलहर का आगमन हो गया है जिससे तराई क्षेत्र का जनजीवन कष्टकर बन गया है ।
वैसे ठन्ढ सेतो सभी जीव–जन्तु को तकलिफ होती है पर इस मौसम में जारा से ठिठुरकर सबसे अधिक वृद्ध–वृद्धाओं की मृत्यु होती है । ठन्ढ से मजदुर वर्ग में भी बहुत असर पडता है ।
जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मापन अनुसार शीतलहर के कारण इस वर्ष सबसे अधिक ठन्ढ कल मंगलवार और आज बुधवार को हुआ है । तराई क्षेत्र का अधिकतम तापक्रम २३ डिग्री सेल्सियस और न्युनतम १२ डिग्री सेल्सियस मापा गया है । इस तापक्रम में घटाव के कारण ठन्ढ अत्यधिक महसूस हो रही है ।
ठन्ढ के कारण बजार क्षेत्र के चहल पहल में भी कमी आ गई है । इस प्रकार के मौसम में कोल्ड डायरिया, निमोनियाँ, बुखार और खांसी के रोगियों ज्यादा तकलिफें होती है । इसलिये ऐसे व्यक्ति को ठन्ढी से बचकर रहने के लिये चिकित्सकों का सुझाव है ।

