नेपालगंज में शोभा श्रेष्ठ की नेतृत्व में नेवार महिला जिला कमिटी गठन
नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में नेवार जात के महिलाओं ने बाँके जिला स्तरीय सम्मेलन से नेवाः मिसा दबू जिला कार्य समिति की चयन पुष ५ गते शनिवार को किया गया ।
नेवाः देयः दबू बाँके जिला के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ था वह प्रथम जिला सम्मेलन से १९ सदस्यीय नेवाः मिसा दबू जिला समिति की सर्व सम्मत रुप में गठन किया गया ।
नेवाः देयः दबू बाँके के सल्लाहकार पूर्णलाल चुके के अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय निर्वाचन मण्डल ने संस्था की विधान अनुसार नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वडा नं. १८, कारकाँदौं निवासी शोभा श्रेष्ठ की अध्यक्षता में गठन किया गया है । वह कार्यसमिति के उपाध्यक्ष में उमा श्रेष्ठ, सचिव सुस्ता श्रेष्ठ, कोषाध्यक्ष अन्जीता श्रेष्ठ और सह–सचिव में गीता श्रेष्ठ को चयन किया गया है ।
इसी तरह सम्मेलन ने सदस्यों में राधा श्रेष्ठ, शोभा श्रेष्ठ, बविता राजभण्डारी, शकुन्तला श्रेष्ठ, रत्ना श्रेष्ठ, स्वेता शाक्य, सरिता शाक्य, शिशु श्रेष्ठ और अनीता श्रेष्ठ को चयन किया गया है । नवगठित कार्यसमिति के पदाधिकारी और सदस्यों को नेवाः मिसा दबू के केन्द्रीय अध्यक्ष रश्मिला प्रजापति ने शपथ ग्रहण कराया इसके साथ साथ खादा ओढाकर, केन्द्रीय कोषाध्यक्ष अर्चना तण्डुकार ने संस्था का व्याच तथा नेवाः देय दबू, बाँके के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ ने टीका लगाकर बधाई दिया था ।
इसे पहले आयोजित महिलाओं की जिला सम्मेदन में प्रमुख अतिथि के आसन से बोलते हुये नेवाः मिसा दबू के केन्द्रीय अध्यक्ष रश्मिला प्रजापति ने २५ वर्ष पहले गठित तथा ६२ जिला में शाखा रही है बताया । नेवारों का छाता संगठन नेवाः देय दबू के भातृ संगठन के रुप में बि.सं. २०७३ साल में मात्र नेवार महिलाओं को संगठित करके नेवाः मिसा दबू गठन हुआ था चर्चा करते हुये बाँके जिला लगायत ४४ जिला में शाखा गठन हुआ है जानकारी कराया ।
केन्द्रीय अध्यक्ष प्रजापति के नेतृत्व में आयी केन्द्रीय टोली नेवाः मिसा दबू के जिला सम्मेलन और जिला समिति गठन करने की अभियान में आइतवार सुर्खेत होते हुये दैलेख, दाङ, कपिलवस्तु, रुपन्देही, पाल्पा, नवलपरासी तर्फ प्रस्थान करेगी बताया ।
वह अवसर में केन्द्रीय अध्यक्ष प्रजापति ने नेवार महिलाओं को देश की राजनीतिक मूल धार में लाने के लिये राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रुप में सशक्तिकरण करने की उद्देश्य से तीन वर्ष पहले मात्र नेवार महिलाओं को संगठित किया गया है चर्चा करते हुये नेवार भाषा, संस्कृति, संस्कार को बचाने लिये संस्था क्रियाशील रही है बताया ।
उन्हों ने कहा कोई भी जातजाति की भाषा एक दूसरे को भावनात्मक रुप में जोड्ने के लिये और सशक्त माध्यम है कहते हुये भाषा जीवित रही तो जात भी जीवित रहेगी बताया । इस लिये सभी नेवारों ने नेवारी भाषा सीखना जरुरी है बताया ।
नेवाः देयः दबू बाँके के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद श्रेष्ठ के अनुसार सम्मेलन में नेवाः देय दबू के केन्द्रीय सदस्य सीता श्रेष्ठ, नेवाः देय दबू, बाँके के सल्लाहकारों में अशोक कर्माचार्य, राजेन्द्र कुमार श्रेष्ठ, ज्ञानेन्द्र कुमार श्रेष्ठ लगायत करीब४ दर्जन महिलाओं की सहभागिता रही थी ।





