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भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा क्रॉस बॉर्डर जर्नलिस्ट्स मीट आयोजित

 

बीरगंज,29 दिसम्बर । भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित क्रॉस बॉर्डर जर्नलिस्ट्स मीट में नेपाल और भारत के मीडिया से संबंधित व्यक्तित्व ने शिरकत की । कार्यक्रम के स्वागत मंतव्य में एक्टिंग कौंसिल जनरल श्री रमेश पी चतुर्वेदी ने दो देशों के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विचारों में चाहे जितने मतभेद हो जाएं हमारे रिश्ते कभी कमजोर नहीं हो सकते । हम सदैव एक दूसरे के सुख दुख में साथ है।

मुख्य वक्ता के रूप में प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ ललित झा, हिमालिनी हिंदी पत्रिका की संपादक डॉ श्वेता दीप्ति, डॉ Kotraswami M, ECC, CGI Birgunj, श्री सुजीत कुमार झा, संपादक आजतक न्यूज की उपस्थिति थी । मुख्य वक्ता श्री ललित झा ने वैश्वीकरण के दौर में नेपाल भारत के संबंधों पर अपने विचार प्रस्तुत किए । आपका मानना था कि वैश्वीकरण के इस दौर में कई बातें सुलझी है तो कई बातें उलझती भी जा रही है ।नेपाल भारत के रिश्ते भी इससे अछूते नहीं हैं । एक तनाव हम महसूस कर रहे हैं बावजूद इसके यह सच है कि इन दोनों देशों का रिश्ता कभी टूट नहीं सकता ।

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नेपाल भारत के रिश्तों में आए परिवर्तन को कैसे सुधारा जाय इस विषय पर हिमालिनी की संपादक डॉ श्वेता दीप्ति ने अपने विचार व्यक्त किए । आपका मानना था कि जो बेटी रोटी का नारा आज तक दिया जा रहा है वह कल ऐसा न हो कि सिर्फ रोजी रोटी के नारे तक ही सीमित रह जाय। आज रिश्तों में जो अविश्वास पैदा हुआ है वह सदियों के इस रिश्ते को कठिन बना रहा है । जबकि जरूरत सहजता की है । बॉर्डर पर की परेशानियां, सुरक्षा के मद्देनजर बनाए गए कानून का आम आदमियों पर असर रिश्तों पर प्रभाव डाल रहा है । संधियों और सीमाओं को लेकर जो विवाद हैं उन्हें जल्द सुलझाने की जरूरत है क्योंकि यही तनाव का विषय बनता आया है ।

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वहीं आज तक के संपादक श्री सुजीत झा ने कहा कि नेपाल और भारत भौगोलिक दृष्टिकोण से इतने जुड़े हुए हैं कि चाह कर भी कोई तीसरी शक्ति इसे अलग नहीं कर सकती ।

तस्करी और अवैध व्यपार के कई कोणों पर डॉ एम ने विस्तार से चर्चा की और पत्रकारों की जिज्ञासाओं का जवाब दिया । कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न समाचारपत्रों के रिपोर्टर्स ने अपनी बात रखी और सवाल भी किया जिसका डॉ एम ने विस्तार से जवाब दिया । इन सबके बीच जो एक बात सबने मानी वह यह थी कि लाख कोशिशें की जाएं किन्तु नेपाल भारत का संबंध अटूट था और अटूट रहेगा । कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सुरेश कुमार ने किया ।

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कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मान किया गया ।

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