सप्तऋषि अस्पताल बना मौत का कारखाना, पीडितद्वारा तालाबन्दी
मनोज बनैता, लहान, ६ जनवरी । सप्तऋषि अस्पताल लहान मे कार्यरत डाक्टरों कि चरम लापरबाही के कारण चार प्रसूति माँ ने अपने बच्चे खोया है । २४ घन्टा के भितर हुवे यह हादसा के कारण पीडितों ने कारवाही कि मांग किई है । कारवाहीका माग करतेहुवे सप्तऋषि अस्पताल प्रालि लहान का संचालक डा.पशुपति चौधरी और कार्यरत डा. सुनिल विराजी उपर पीडितपक्षने ईलाका प्रहरी कार्यालय लहानमे पौष २० गते जाहेरी दरखास्त दिया है ।
लहान १९ का घुरन यादव, औरही १ दरैहियाका लालबहादुर यादव और सप्तरी बलान विहुल ३ दुधेलाका मनोज साहने अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मी विरुद्ध जाहेरी दिया है । एक पीडितका नाम और पता अस्पतालने सार्वजनिक करने से ईनकार किया है । स्रोतका दावा है कि उस पीडित से आन्तरिक सम्झौता करके अस्पताल पक्षने मिलाया है ।
शल्यक्रियामे संलग्न डाक्टरके लापरबाही के कारण बच्चाका मौत हुवा कहकर पीडितोंने कारबाही माग किया है । पीडित परिवार ने अस्पताल के साथ प्रहरी प्रशासनके रोहवर मे बारम्बार छलफल किया था । लेकिन अस्पतालपक्ष ने अपने गल्ती स्वीकार नाकरने कि वजहसे पीडितों ने न्यायके लिए प्रहरीमे जाहेरी दिया है ।
शुक्रबार सामको मैटेर्निटी वार्डमे भर्ना हुवे सप्तरी बलानबिहुल गाउँपालिका–३ दुधौलाका संगीता साह, सिरहा औरही गाउँपालिका–१ दरहिया गाउँका प्रमिला यादव और सखुवानन्कारकट्टी गाउँपालिका–३ दिनाजपुर की जानकी यादव उपचारके लिए सप्तऋषि अस्पताल गयी थी पर उनहे बदले मे मिला बच्चेका मौत । शनिबार सुवह तिनोके बच्चेको मृतक करार दियागया ।
डाक्टर रञ्जिता जयसवालने शल्यक्रिया करनेका दावा अस्पतालका प्रमुख डाक्टर पशुपति चौधरी कररहा है मगर खुलासा यह हुवा है कि शल्यक्रिया डा. जयसवाल ने नहि बल्की डा.सुनिल विराजी ने किया था ।
इलाका प्रहरी कार्यालय लहानका प्रमुख डीएसपी शरत थापाने कहा कि ‘घटनाबारे थप अनुसन्धान होरहा है।’ छानबिन पश्चात् दोषी उपर कारबाही करनेका भरोसा प्रमुख जिल्ला अधिकारी गोपालकुमार अधिकारी ने दिया है । ईसिबिच, पीडितपक्षने अस्पतालमे पौष २१ गते तालाबन्दी करके आन्दोलनमे जानेका चेतावनी दिया है ।


