राष्ट्रपति सहित तीन नेता के कारण संसद् बंधक, सभामुख चयन में नेकपा असफल !
काठमांडू, १३ जनवरी । संसद् अधिवेशन तीन हफ्ता पहले ही शुरु हुई थी, अधिवेशन का प्रथम कार्यभार सभामुख चयन करना है, लेकिन अभी तक संसद् सभामुख बिहीन हो रहा है । विशेषतः सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के तीन नेताओं के कारण संसद् बंधक हो रहा है । तीन नेताओं में एक राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी भी है । नेकपा संबंध कुछ नेताओं को कहना है कि पदीय मर्यदा को खयाल किए बिना राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी राजनीति में उतर आने के कारण यह सब हो रहा है ।
पूर्व माओवादी नेता कृष्णबहादुर महरा बलात्कार काण्ड में पदमुक्त होने के बाद संसद् सभामुख बिहीन है । नेकपा के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड तथा पूर्व माओवादी समर्थक नेताओं को कहना है कि सभामुख पूर्व माओवादी को ही मिलना है, लेकिन दूसरे अध्यक्ष एवं प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं । प्रधानमन्त्री ओली पूर्व सभामुख सभामुख नेम्वाङ को पुनः सभामुख बनाना चाहते हैं, लेकिन दूसरे अध्यक्ष प्रचण्ड अपने निकट नेता अग्निप्रसाद सापकोटा को सभामुख बनाना चाहते हैं ।
नेकपा निकट कुछ नेताओं को माने तो राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी वर्तमान उप–सभामुख शिवमाया तुम्वाहाम्फे को ही सभामुख बनाना चाहती है । यही त्रि–पक्षीय संघर्ष के कारण ही तीन हफ्तो संसद् बंधक हो रहा है । गत पौष ४ गते संसद् अधिवेशन शुरु हुआ था, उसके बाद लगातार ३ बार आह्वान की गई बैठक स्थागित हो चुकी है ।
नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता विश्वप्रकाश शर्मा को कहना है कि नेकपा के दो नेता प्रचण्ड और ओली की व्यक्तिगत टकराव के कारण इसतरह संसद् को निरीह होना पड़ रहा है, जो आपत्तिजनक है । इधर राष्ट्रपति भण्डारी के कहने पर उप–सभामुख तुम्बाहाम्फे पद से इस्तिफा देने के लिए अस्वीकार कर रही है, जो संकट को और बढ़ोत्तरी कर रही है । उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेता प्रचण्ड और ओली दोनों को स्पष्ट कहा है कि वह पद से इस्तिफा देने के लिए तैयार नहीं है, हटना ही है तो महाअभियोग दर्ज की जाए ।

