वर्तमान सरकार से वीरगन्ज व्यवसायी निराश
२२ जनवरी, वीरगञ्ज । देश में स्थिर सरकार आने के बाद भी वीरगन्ज का व्यावसायी खुश नहीं है । व्यवसाईयों का कहना है कि हमलोगों को लगानी अनुसार का प्रतिफल नहीं मिल रहा है ।
वीरगञ्ज देश के आर्थिक राजधानी के रुप में परिचित है । देश के आधा से अधिक व्यापार और पारवहान में वीरगञ्ज ही धनी है । वीरगञ्ज भन्सार, आईसीपी, सुख्खा बन्दरगाह से प्राप्त राजस्व ने देश का महत्वपूर्ण भार उठाया है । भारत के साथ अधिकांश व्यापारिक कारोबार वीरगन्ज से ही हो रहा है ।
वीरगन्ज व्यावसाईयों का कहना है कि बारा–पर्सा औद्योगिक करिडोर में सञ्चालित उद्योग, कलकारखाना ने देश के आर्थिक गतिविधि को चलायमान बना रखा है । यहां हजारों मजदुर को प्रत्यक्ष–अप्रत्यक्ष रोजगारी मिल रहा है । नाकाबन्दी के समय में देश का सभी नाका खुलने के बाबजुद भी वीरगन्ज नाका मात्र बन्द रहा जिससे देश को अत्यन्त कठिानाईयों का सामना करना पडा । वीरगञ्ज का नेपाल के अर्थ जगत में महत्वपूर्ण स्थान है । फिर भी वीरगन्ज के व्यवसाईयों को नजरअन्दाज किया जा रहा है ।
उद्योगी व्यावसायी ने बताया कि तीन तह के सरकार द्वारा जारी ऐन, नियम, नीति, निर्देशन, प्रावधान और कर, शुल्क, दस्तुर, निर्देशनात्मक प्रक्रिया ने हमलोगों के लिये उल्टा समस्या ही बन गया है ।
वीरगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ का अध्यक्ष गोपाल केडिया ने बताया कि अनेक जटिलता और संकटपूर्ण अवस्था से उद्योगी–व्यवसायी को कब इस समस्या से मुक्ति मिलेगी कुछ पता नहीं ।

