प्रदेश नं. २ की स्थायी राजधानी जनकपुर निश्चित, प्रदेश की नाम और भाषा में विरोधाभाष
जनकपुरधाम, २७ जनवरी । प्रदेश नं. २ की स्थायी राजधानी जनकपुर निश्चित हो गया है । प्रदेश की राजधानी तथा नामाकरण के लिए प्रदेशसभामुख सरोज कुमार यादव संयोजकत्व में निर्मित विशेष समिति ने जनकपुर को ही स्थायी राजधानी बनाने के लिए सहमति की है । लेकिन प्रदेश की नाम और भाषा संबंधी निर्णय होना बांकी है ।
समिति ने प्रदेश की सीमांकन भी तय किया है । सहमति अनुसार उत्तरी दिशा में मिथिला नगरपालिका स्थित ढल्केबर, दक्षिणी दिशा में भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा, पूर्व और पश्चिम में मिथिला माध्यमिक परिक्रमा क्षेत्र राजधानी की सीमांकन रहेगी । समिति ने सर्वसम्मत से उक्त प्रस्ताव पास किया है ।
समिति संयोजक तथा सभामुख यादव ने कहा है कि भाषा संबंधी विषय को भी माघ महीना के भीतर ही फाइलन किया जाएगा । इसीतरह प्रदेश का नामांकन संबंधी विषय में भी प्रदेशसभा में एकमत नहीं है । सत्तारुढ दल समाजवादी पार्टी और राजपा ने प्रदेश का नाम ‘मधेश’ प्रस्ताव किया है । लेकिन प्रतिपक्षी नेकपा ‘जानकी’ प्रस्ताव किया है और नेपाली कांग्रेस ने ‘मिथिला–भोजपुरा’ प्रस्ताव किया है । सत्तारुढ दल समाजवादी–राजपा में प्रदेश की नाम तय करने के लिए दो–तिहाई बहुमत नहीं है । इसीलिए इसमें यहां प्रदेश की नामांकन करना कुछ जटिल दिखाई देती है ।
इसीतरह प्रदेश की कामकाजी भाषा संबंधी विषय में भी यहां विवाद दिखाई दे रही है । विशेषतः समाजवादी और राजपा के अधिकांश सांसद् हिन्दी भाषा को लेकर बहस करते हैं, लेकिन नेकपा और कांग्रेस इसको स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है । स्मरणीइ है– इस प्रदेश में नेपाली, मैथिली और भोजपुरी भाषी की बाहुल्यता है ।

