चाचा जी अब नहीं रहे
काठमांडू, ३० जनवरी । बांके निवासी अग्रज पत्रकार तथा प्रेस स्वततन्त्रता सेनानी पन्नालाल गुप्ता का निधन हो गया है । ९२ वर्षीय गुप्ता को एक्कासी वोमिट होने के कारण बुधबार नेपालगंज स्थित मेडिकल कॉलेज पहुँचाया गया था, लेकिन उनको बचाने के लिए चिकित्सक असमर्थ रहे । गुप्ता जी लम्बे से समय से बीमार थे ।
नेपालगंज में रहकर पत्रकारिता करनेवालों के लिए वह एक मिशाल थे, ९२ वर्ष के उम्र में भी पत्रकारिता कर रहे थे, अस्वस्थ रहते हुए भी पत्रिका प्रेस भेजने से पहले वह एक बार देख लेते थे । नेपालगंज से प्रकाशित ‘किरण’ सप्ताहिक के लिए वह प्रकाशक एवं सम्पादक थे । सिर्फ पत्रकारिता के लिए ही नहीं पंचायत विरोधी आन्दोलन और सामाजिक कार्य के लिए भी गुप्ता जी परिचित नाम है । गुप्ता जी को आम पत्रकार ‘चाचा जी’ के रुप में जानते हैं ।
गुप्ता जी प्रेस युनियन बांके की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं । वि.सं. २००७ साल में प्रजातन्त्र स्थापना होने के बाद पत्रकारिता में सक्रिय गुप्ता को वि.सं. २०१७ साल में तत्कालीन पंचायती सरकार ने जेल भी भेज दिया था । प्रेस स्वतन्त्रता सेनानी और गोपालदास पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित गुप्ता के श्रीमती, ४ बेटा और ३ बेटी है । नेपाल पत्रकार महासंघ बांके के अध्यक्ष ठाकुरसिंह थारु ने कहा है कि गुप्ता जी की निधन से पत्रकारिता क्षेत्र को अपूरणीय क्षेति पहुँची है ।

