हिट सचिन, फिट सचिन, महान सचिन
सचिन तेंडुलकर में ऐसी क्या खास बात है कि वे क्रिकेट के किसी भी दूसरे खिलाड़ी से अधिक सफल और चर्चित हैं। सचिन के नाम वनडे और टेस्ट में सबसे अधिक मैच, सबसे अधिक रन बनाने, शतक बनाने, अर्धशतक बनाने, चौके लगाने, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सिरीज़ जीतने के रिकॉर्ड हैं।

जब भी सचिन के रिकॉर्ड के बारे में लिखा जाएगा तब उनके कई रिकॉर्ड तो ध्यान ही नहीं आएंगे। जैसे मास्टर ब्लास्टर के सभी रिकॉर्ड पर नज़र डालने के बावजूद हम उनके क्रिकेट जीवन से जुड़ी अहम बातों पर तवज्जो नहीं दे पाते हैं। जैसे कि कितने लोगों को सचिन के इस रिकॉर्ड के बारे में मालूम है कि सचिन दुनिया के एकमात्र क्रिकेटर हैं, जो 90 क्रिकेट ग्राउंड में खेल चुके हैं।
सचिन के बारे में उनके रिकॉर्ड के अलावा कुछ ऐसी बातें जो आप जानना चाहते हैं
1. सचिन तेडुलकर और पाकिस्तान के वकार यूनुस के अपना टेस्ट क्रिकेट करियर एक ही दिन, एक ही मैच से शुरू किया था। वकार 87 टेस्ट और 262 वनडे मैच खेलकर रिटायर्ड हो गए। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से कुछ समय का ब्रेक लिया और बाद में वे पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के कोच बने। दो साल से अधिक टीम का कोच रहने के बाद वकार ने इस्तीफा दे दिया।
दूसरी तरफ सचिन आज भी उसी उमंग के साथ बतौर खिलाड़ी क्रिकेट इंजॉय कर रहे हैं। इस तथ्य को जानने के बाद लगता है कि वकार एक खिलाड़ी हैं और सचिन महान खिलाड़ियों सेभी महानतम खिलाड़ी
2. विराट कोहली और सचिन तेंडुलकर वनडे और टेस्ट टीम में एक साथ खेल रहे हैं। कई बार दोनों बल्लेबाज़ एक साथ क्रीज़ पर होते हैं। कोहली को सचिन के साथ साझेदारी निभाता हुए देखकर एक बात नोट करने वाली है। कोहली की उम्र 23 साल है और सचिन ठीक इतने ही सालों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं।
याने जब कोहली का जन्म हुआ था, तब सचिन भारतीय टीम में शामिल थे और आज जब कोहली युवा बल्लेबाज़ की हैसियत से टीम में हैं तो भी सचिन उनके साथी खिलाड़ियों में शामिल हैं।
3. सचिन की ग्रेट फिटनेस का एक और उदाहरण देख लीजिए। सचिन के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल खेलने के बाद कई युवा खिलाड़ी टीम में आए और अपने क्रिकेट करियर में बहुत कुछ हासिल करने के बाद रिटायर्ड भी हो गए, लेकिन सचिन की फिटनेस आज भी बनी हुई है। इन खिलाड़ियों में राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, जवागल श्रीनाथ, अनिल कुबंले जैसे नाम शामिल हैं।
ये तो उन खिलाड़ियों के नाम हैं जो अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में बहुत कुछ हासिल कर पाए, जबकि अगर किसी औसत खिलाड़ी की बात की जाए तो ऐसे सैकड़ों नाम हैं, जो सचिन के बहुत बाद टीम में आए और रिटायर्ड होकर चले गए। लेकिन सचिन आज भी उसी जोश के लगातार टीम के लिए अपना योगदान दे रहे हैं।

