Thu. Sep 10th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कोरोना-उत्पत्ति की जाँच पर भारत ने किया पहली बार वैश्विक मुहिम का समर्थन

 

भारत ने पहली बार आधिकारिक रूप से उस वैश्विक मुहिम को समर्थन दिया है, जिसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्युएचओ) कोरोना वायरस के जन्मस्थान के बारे में व्यापक अध्ययन करा रहा है।

भारत ने यह समर्थन उस वक्त दिया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी खुफिया एजेंसियों से कहा है कि वे महामारी के जन्मस्थान के बारे में जांच के लिए अपनी कोशिशें तेज करें और 90 दिनों में ऐसी जानकारी जुटाएं, जिसके आधार पर किसी ठोस नतीजे तक पहुंचा जा सके।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोविड-19 की उत्पति से जुड़ी जांच का अध्ययन एक अहम कदम है। इस मामले में अगले चरण की जांच की जरूरत है, ताकि किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सके। इस जांच और अध्ययन के लिए (डब्ल्युएचओ) को सभी से मदद मिलनी चाहिए।

यह भी पढें   संवाद राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है : श्वेता दीप्ति

कोरोना वायरस का 2019 के उत्तरार्ध में पहली बार चीन के शहर वुहान में पता चला था। मार्च में डब्ल्यूएचओ वायरस की उत्पत्ति के बारे में एक रिपोर्ट लेकर आया था, मगर अमेरिका समेत कई देशों ने इससे संतुष्टि नहीं जताई थी।

रिपोर्ट में तब कहा गया था कि इसके किसी प्रयोगशाला में शुरू होने की संभावना बेहद कम है। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों द्वारा चीन में महामारी के केंद्र वुहान सहित अन्य स्थानों पर अभियान के संचालन के तौर तरीकों तथा बीजिंग से पर्याप्त सहयोग की कमी को लेकर अमेरिका और कुछ अन्य देशों ने चिंता जताई थी।

यह भी पढें   राष्ट्रपति पौडेल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया अवलोकन

न्यायविदों की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईसीजे ने कोविड पर डब्ल्यूएचओ से श्वेत मंत्र मांगा
न्यायविदों की अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट (आईसीजे) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोरोना वायरस की शुरुआत और उसके प्रसार पर दुनिया के संदेह को दूर करने के लिए श्वेत पत्र जारी करने मांग की है।

आईसीजे ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से कोविड-19 से जुड़ी सभी वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जानकारियों की मांग करते हुए उन रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिनमें ये दावे किए जा रहे थे कि कोरोना वायरस वुहान के बाजार से नहीं बल्कि वुहान की प्रयोगशाला से पनपा है।

यह भी पढें   त्रिशूली-3 'बी' जलविद्युत परियोजना: कीचड़ और मलबे के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौती, 178 लोग अभी भी लापता

आईसीजे ने कहा कि यदि कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ श्वेत पत्र जारी करता है तो इससे उसकी साख बढ़ेगी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा गया है कि दुनियाभर में कोरोना से बिगड़े हालात से आक्रोश है।

आईसीजे के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एसी अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की शुरुआत और प्रसार पर आई कई रिपोर्ट से शंकाएं बढ़ी हैं। आईसीजे ने कहा कि जब चीन के वुहान स्थित बाजार से कोरोना फैला तो दुनिया को समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई।

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com