माधव नेपाल और उपेन्द्र यादव को सरकार में शामील करने के लिए वापस किया जा रहा है अध्यादेश
काठमांडू, २७ सितम्बर । आज मन्त्रिपरिषद् बैठक होने जा रहा है । प्राप्त सूचना अनुसार बैठक ने राजनीतिक दल विभाजन संबंधी अध्यादेश वापस करने की तैयारी भी की है । आइतबार सम्पन्न सत्ताधारी दलों की बैठक में मन्त्रिपरिषद् बिस्तार संबंधी विषयों को लेकर विचार–विमर्श हुई थी । बताया गया है कि आगामी बुधबार तक मन्त्रिपरिषद् को पूर्णता मिलनेवाला है ।
लेकिन राजनीतिक दल विभाजन संबंधी अध्यादेश कायम रहने के कारण सत्ताधारी गठबंधन में शामील राजनीतिक दलों में फिर विभाजन आने की संभावना है, इसीलिए जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) की विशेष अनुरोध पर प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा दल विभाजन संबंधी विधेयक को वापस करने की मनस्थिति में पहुँच गए हैं । लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हुआ है । बताया जाता है कि यही अध्यादेश के कारण लम्बे से मन्त्रिपरिषद् ने पूर्णता प्राप्त नहीं की है ।
जारी अध्यादेश के अनुसार संसद् में प्रतिनिधित्व करनेवाला राजनीतिक पार्टी में आबद्ध व्यक्ति पार्टी संसदीय दल एवं केन्द्रीय समिति में से कई एक जगह २० प्रतिशत सदस्य को इकठ्ठा कर राजनीतिक दल विभाजन कर सकते हैं । यही व्यवस्था अनुसार नेकपा एमाले से माधव कुमार नेपाल और जसपा से महन्थ ठाकुर ने दल विभाजन कर नयां दल निर्माण किया है । अगर अध्यादेश कायम ही रहेगा तो फिर भी विभाजित राजनीतिक दलों में फिर विभाजन होने की संभावना है । इसीलिए आज तक माधव नेपाल और महन्थ ठाकुर समूह सरकार में शामील नहीं हो रहे हैं ।
बताया गया है कि माधव नेपाल और उपेन्द्र यादव समूह को सरकार में शामील करने के लिए ही दल विभाजन संबंधी अध्यादेश वापस किया जा रहा है ।

