किसकी जीत होगी – बालेन या सुकुम बस्तीवालों की ?

काठमांडू, १४ मंसिर– काठमांडू महानगरपालिका ने थापाथली में रहे सुकुम्वासी बस्ती हटाने के प्रयत्न के बाद विरोध शुरु हो गया है । सुकुम्वासी प्रतिरोध में हैं महानगर के कदम को लेकर, नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को मेयर बालेन्द्र साह (बालेन)ने जवाफ दिया है कि हो सके तो सहयोग करें नहीं तो किसी के विरुद्ध में किसी को प्रयोग करने की कुचेष्टा नहीं करें ।
स्पक्ष्ट कर दिया गया है कि चाहे कितना भी कोई विरोध और प्रतिरोध करें तो भी महानगर बस्ती हटाने पीछे नहीं हटेगी । महानगर अब परिपक्व ढंग से बस्ती खाली कराने की रणनीति बना रही है ।
४ मंसिर का तक बस्ती खाली करने की समय सीमा दी गई थी । ६ मंसिर में ही महानगर ने बस्ती खाली कराने की तैयारी भी कर ली थी लेकिन मतगणना और विजय जुलुस में सुरक्षाकर्मी व्यस्त होने के कारण १२ मंसिर तक के लिए टाल दिया गया था । १२ गते मंसिर सोमवार के दिन जब महानगर की टोली बस्ती गई तो टाल वासियों ने पत्थर से प्रहार किया जिसमें ३७ लोग घायल भी हो गए हैं । जिसके कारण मंगलवार को वे लोग नहीं जा पाए हैं । मंगलवार को सुकुमवासियों ने प्रदर्शन किया ।
सबसे आश्चर्य की बात ये है कि वडा के साथ किसी तरह का बस्ती का समन्वय नहीं है । थापाथली के सुकुम्वासी बस्ती काठमांडू –११ में आता है। बस्ती हटाने के लिए महानगरपालिका द्वारा किए गए तैयारी के बारे में वडाध्यक्ष के साथ ही वहाँ के स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौन हैं । उनका कहना है कि उन्हें किसी भी बात की जानकारी नहीं थी । कल के आंदोलन के बाद पता चला है । वैसे भी बहुत जमाने से बस्ती हटाने की बात चल रही है ये कोई नया विषय नहीं है ।
रही बात मेयर साहब की तो वो अब पीछे नहीं हैं हटनेवाले । इधर बस्ती वालों ने भी कह दिया है कि वो वर्षो से यहाँ रह रहे हैं और किसी भी किमत पर यहाँ से नहीं हैं हटनेवाले । बस्तीवालों का कहना है –यहाँ से हटाने का मतलब है हमें मारना । हम यहाँ दैनिक काम करके किसी तरह अपना पेट पालते हैं कहीं और रखने के बाद भी हमें बाहर काम करने के लिए जाने आने में कठिनाई होगी । हम हरगिज यह जगह नहीं छोड़ सकते हैं । अब देखें क्या होता है ?

