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सीमा से नेपाली मुद्रा ग़ायब ,सोना तस्करी को माना जा रहा कारण

 

बाराणसी । भारतीय समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के आधार पर भारत- नेपाल के सोनौली बॉर्डर से नेपाली मुद्रा गायब हो गया है। इस समय हर कोई नेपाली मुद्रा तलाश रहा है। एक समय ऐसा भी था जब भारतीय मुद्रा के लिए लोग मारे मारे फिर रहे थे और नेपाली मुद्रा को कोई पूछने वाला नहीं था। इस समय सब उल्टा हो गया है । चाहे मुद्रा की बात करें या फिर रोजमर्रा सामानों की। कभी भारतीय सीमा की सुरक्षा एजेंसियां भारत से नेपाल सामान ले जाने पर लोगों को रोकते थे। लेकिन आज नेपाली सुरक्षा एजेंसियां अपने यहा नेपाली नागरिकों को रोजमर्रा के सामानों पर भी रोक लगाने के लिए तमाम कानून कायदे ढूंढ लिए है। इसके पीछे मात्र एक वजह माना जा रहा है वह है तस्करी।
जानकार सूत्रों की माने तो नेपाल से सोने की तस्करी एक बार फिर बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। सोना खरीदने के लिए नेपाली मुद्रा की डिमांड बढ़ गई है। जिसके कारण नेपाली मुद्रा बाजार से गायब है। हर कोई नेपाली मुद्रा ढूंढ रहा है।
बताया जा रहा है कि मुख्य मार्ग पर जहां एक तरफ नेपाली प्रशासन ने कड़े पहरे लगा रखे हैं। वहीं दूसरी तरफ तमाम चिन्हित स्थानों से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर आवश्यक वस्तुओं की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। यह सच है की बॉर्डर से सटे नेपाली सीमा में बड़े पैमाने पर संगठित तस्करों ने अपने गोदाम तस्करी के माल सामान से भर रखे हैं। इस समय नेपाल से सोने की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हो रही है। नेपाल से भारत में सोना के रेट में काफी अंतर आ गया है। 10 ग्राम सोने पर कम से कम इन्हें ₹1500 का लाभ मिल रहा।
एक सर्राफा व्यवसाई ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारतीय सीमा में सोने के जेवर से लेकर सोने का खरीदारी कम हो गया है। नेपाल से सोने की तस्करी ने भारत के सोने के बाजार को काफी हद तक ठप कर दिया है। बाजार अव्यवस्थित होने का प्रमुख कारण सोना की तस्करी माना जा रहा है। जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्रों से नेपाली मुद्रा गायब हो गए है।
महाराजगंज उत्तर प्रदेश।

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