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त्रि.वि केन्द्रीय पुस्तकालय ने मनाया १६वें पुस्तकालय दिवस

 


अंशु झा, २९ अगस्त, काठमांडू । पुस्तकालय दिवस के पूर्व सन्ध्या में त्रि.वि.केन्द्रीय पुस्तकालय ने “पुस्तौं पुस्ताका लागि पुस्तकालय” नारा को लेकर पुस्तकालय दिवस मनाया । पुस्तकालय विदों को आमन्त्रित कर उनके साथ अन्तरक्रिया के माध्यम से पुस्तकालय दिवस भव्यता के साथ मनाया गया ।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रा.डा. देवराज अधिकारी के प्रमुख आतिथ्य में कार्यक्रम मनाया गया । कार्यक्रम के सभापतित्व त्रि वि के शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा. शिवलाल भुषाल ने किया । कार्यक्रम में विभिन्न अध्ययन संस्थान व संकाय के डीन, विभिन्न विभाग के विभागाध्यक्ष, अन्य विभिन्न पुस्तकालयों के पुस्तकालयकर्मी इत्यादि सहभागी थे ।

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कार्यक्रम में त्रि.वि.केन्द्रीय पुस्तकालय के नि.प्रमुख सागरराज सुवेदी जी उपस्थित सम्पूर्ण अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने पुस्तकालय में अवस्थित सम्पूर्ण सेवा सुविधाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी ।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रा.डा.देवराज अधिकारी ने बताया कि मैंने पुस्तकालय को बडे ही करीब से जाना है । पुस्तकालय कभी भी साधारण नहीं होता है । उन्होंने यह भी कहा कि अभी बौद्धिक चोरी को रोकने के लिए जो नया तकनीकी प्लेजरिजम का प्रयोग हो रहा है अगर इसे सूक्ष्म रुप से देखा जाय तो यह डरावना है ।
कार्यक्रम में विज्ञान तथा प्रविधि संस्थान के डीन प्रा.डा.विनिल अर्याल ने “ह्वाट इज रिसर्च मिसकन्डक्ट ?” विषय पर अपना कार्यपत्र प्रस्तुत किया । तत्पश्चात आइ टी के विज्ञ उप प्रा. रोमकान्त पाण्डे जी ने त्रि.वि.केन्द्रीय ई लाइब्रेरी के सम्बन्ध में नई अवधारणाएं की बातें की तथा उन्होंने उसी से सम्बन्धित अपना कार्यपत्र भी प्रस्तुत किया ।
त्रि.वि. के शिक्षाध्यक्ष प्रा.डा. शिवलाल भुषाल जी के सभापतित्व में कार्यक्रम बहुत ही सहज व सरल तरीका से सम्पन्न हुआ । उन्होंने कहा कि कोभिड महामारी हमें नकारात्मक से साकारत्मक की ओर ले गई । इन्टरनेट के माध्यम से हम एक दूसरे जुडे रहे, काम भी हुआ । उन्होंने कहा कि प्लेजरिजम कारबाई जैसा ही है इसलिए इसे पिएचडी में  अधिक तथा नीचे की पढाई में थोडा कम प्रयोग करना सही रहेगा , हमें आहिस्ते सिखते जाना है । उन्होंने यह भी कहा कि इ लाइब्रेरी को एक अभियान के रुप में ले जाना होगा ।

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