नेपाल में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का प्रभावकारी माध्यम बनता ‘हेल्थ याद आयो’ ऐप
नेपालगंज/बाँके। संवाददाता: पवन जायसवाल । नेपाल में स्वास्थ्य सेवा को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विकसित मोबाइल ऐप ‘हेल्थ याद आयो’ अब एक प्रभावकारी डिजिटल माध्यम के रूप में उभर रहा है।
करीब दो वर्ष पूर्व ललितपुर महानगरपालिका के कुपंडोल क्षेत्र से लॉन्च हुए इस ऐप के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, कंप्यूटर इंजीनियर प्रज्वल चुके का कहना है कि यह सेवा वर्तमान में काठमांडू, ललितपुर, भक्तपुर, बुटवल, चितवन, पोखरा, नेपालगंज, विराटनगर, बिरतामोड़ और भैरहवा जैसे नेपाल के प्रमुख शहरों में सक्रिय है।
यूजर्स को घर बैठे ही डॉक्टरों से परामर्श, लैब जांच, मेडिकल रिपोर्ट टाइपिंग, फार्मेसी सेवाएं और दवा होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं इस ऐप के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं। इसके साथ ही रक्त आपूर्ति और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी इस डिजिटल मंच से जोड़ा गया है।
इंजीनियर चुके ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म न केवल नेपाल में बल्कि भारत, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर के प्रतिष्ठित अस्पतालों के डॉक्टरों से वर्चुअल कंसल्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। विदेश में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए यह ऐप आवास व्यवस्था, यात्रा समन्वय और वीज़ा प्रक्रिया जैसी जटिलताओं को भी आसान बना रहा है।
सीईओ बिमल बराल के अनुसार, “हेल्थ याद आयो” नेपाल की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन का महत्वपूर्ण उदाहरण बनता जा रहा है। उन्होंने बताया, “इस ऐप के जरिए हमने अस्पतालों में मरीजों की परेशानी को कम करने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य मरीजों को बिना लंबी कतारों और कागजी कार्यवाही के भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना है।”
एप्लीकेशन के माध्यम से यूजर्स अपनी सुविधा अनुसार डॉक्टर या अस्पताल का चयन कर सकते हैं। ऐप यह भी जानकारी देता है कि किस अस्पताल में कौन-सा विशेषज्ञ डॉक्टर कब उपलब्ध है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपॉइंटमेंट बुक करने में आसानी होती है।
नेपाल जैसे देश में, जहां सरकारी अस्पतालों में भीड़ और निजी अस्पतालों में महंगी सेवाएं आम समस्या हैं, वहां ‘हेल्थ याद आयो’ जैसी डिजिटल पहल स्वास्थ्य सेवाओं तक आम जनता की पहुंच को आसान बना रही है। विशेष रूप से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
नेपाल सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य नीति में भी ‘हेल्थ याद आयो’ का योगदान उल्लेखनीय माना जा रहा है। सीईओ बराल के शब्दों में, “अब स्वास्थ्य सेवा केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक आधारित सेवाएं ही इसका भविष्य तय करेंगी।”
‘हेल्थ याद आयो’ न केवल स्वास्थ्य परामर्श और सेवाओं को एक डिजिटल छत के नीचे लाकर लाया है, बल्कि इसने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को पुनर्परिभाषित करने की दिशा में भी अहम कदम उठाया है।





