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कलाबजारि ने बढ़ाईं भूखे नेपाल की मुश्किलें

 

भूकंप से तबाह, मौत और विनाश से कराह रहे नेपाल के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है, अनियंत्रित कीमतों की। पाउडर दूध/फ्रेस दूध का एक नेस्ले का पैकेट जिस पर 212 रुपये का एमआरपी प्रिंट है, उस पर हड़बड़ी में लगाए गए 400 रुपये के स्टीकर से इसकी कीमत दोगुनी कर दी गई है।

1934 में आए भूकंप के बाद तब के प्रधानमंत्री जंग बहादुर राणा ने घोषणा की थी कि जो भी जमाखोरी करते हुए पकड़ा जाएगा उसका सिर काट दिया जाएगा। अब लोग सोच रहे हैं कि काश कि जंग बहादुर राणा जीवित हो जाते।
बाहर से हाथके बना रोटियां ओर नेपाल का अपना चाउचाउ १५ के ३५ मे

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भूकंप की विनाशलीला झेल रहे देश में जमाखोरों, कलाबाजारियों, रिटेलर्स, होलसेलर्स, टैक्सी मालिकों, रिक्शेवालों, छोटे होटेल वाले लोगों से फिरौती वसूल रहे हैं और कोई भी उन पर लगाम लगाने की स्थिति में नहीं दिख रहा है। गृह मंत्रालय ने उन जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। लेकिन इससे वास्तविकता में कोई राहत नहीं मिली है। बिजनसमैन बिक्रम श्रेष्ठ ने कहा, ‘एक टैक्सी ड्राइवर ने मुझसे एयरपोर्ट से थमेल तक के लिए 5000 रुपये किराया मांगा, जोकि सामान्यतः 800 रुपये ही होता है।’

सब्जी की कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं। जिन जगहों पर मांस उपलब्ध है, वहां उसकी कीमत भी बढ़ गई है। नेपाल के मुख्य सचिव लीला मणि पौदेल ने कहा, मैंने स्टॉक्स की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनकी जांच का निर्देश दिया है, और जो लोग इसमें समस्याएं खड़ी कर रहे हैं उन्हें दंडित करने को कहा है। राज्य की एजेंसियां इस समस्या का सामना करने के लिए साथ आई हैं। नेपाल पुलिस के आईजी उपेंद्र कांत अरयाल ने कहा कि उन्होंने पुलिस को गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक ईंधन की कोई कमी नहीं है ऐसे में यात्रा के महंगे होने का कोई कारण नहीं है। वहां टैक्सी और बसें बहुत ज्यादा किराया वसूल कर रही हैं।

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राजधानी में भी लोगों की परेशानियां जारी हैं। दुकान से खाली हाथ लौटी एक गृहिणी ने शिकायती लहजे में कहा कि दुकानों के बाहर बिस्किट्स, पानी के बोतल, नूड्ल्स और चिवड़ा जैसे चीजों के लिए भीड़ लगी है। हालांकि रिटेलर्स का कहना है कि गलती उनकी नहीं बल्कि डिस्ट्रीब्यूटर्स और होलसेलर्स की है जोकि पर्याप्त मात्रा में चीजें नहीं भेज रहे हैं। जबकि इन बड़े खिलाड़ियों का कहना है कि आपूर्ति लाइन ठप हो गई है।

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source:nabbharattimes.com

 

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