Fri. Jun 5th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

गलवान झड़प के बाद पहली बार मोदी का चीन दौरा, एससीओ सम्मेलन में होंगे शामिल

 


श्रावण २१, २०८२, काठमाडौ । भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वे आगामी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तिआनजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन जा रहे हैं।

पाँच वर्ष बाद चीन यात्रा

सन् 2020 में पूर्वी लद्दाख के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए थे। उस हिंसक झड़प में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिक मारे गए थे।

यह भी पढें   भारत के सहयोग से बनने वाले विद्यालय का शिलान्यास बाणिज्य महादूत तथा मेयर ने संयुक्त रूप से किया

उस घटना के बाद मोदी का यह पहला चीन दौरा होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिङ के बीच साइडलाइन में बैठक हुई थी, जो लद्दाख झड़प के बाद उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी।

संबंध सुधार की दिशा में प्रयास

उक्त मुलाकात के बाद दोनों देशों ने लद्दाख के दो मुख्य क्षेत्र – डेप्सांग और डेमचोक – से सेना हटाने की योजना का ऐलान किया था। यह कदम आपसी संबंधों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

यह भी पढें   रास्वपा सभापति रवि लामिछाने आज से पाँच दिवसीय भारत दौरे पर

हाल ही में, जुलाई के अंत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने चीन गए थे। यह गलवान झड़प के बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली बीजिंग यात्रा थी। उन्होंने इस दौरान चीनी विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात की।

इससे पहले मई में, भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ शहर में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था। उन्होंने संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था, जिससे बैठक बिना संयुक्त घोषणापत्र के समाप्त हुई थी।

यह भी पढें   सगरमाथा के ‘डेथ ज़ोन’ से 6 दिन बाद जिंदा मिले नेपाली गाइड, पर्वतारोहण कंपनियों की लापरवाही पर उठे सवाल

मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू

इन कूटनीतिक प्रयासों के बीच, चीन ने भारतीय नागरिकों के लिए मानसरोवर यात्रा भी दोबारा खोल दी है, जिसे गलवान झड़प और कोविड महामारी के कारण रोक दिया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *