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त्रिभुवन विश्वविद्यालय में फिर बवाल: क्रांतिकारी छात्र संगठन ने किया तोड़फोड़ और अवरोध, सुरक्षा की गुहार

 

काठमांडू, 13 अगस्त — नेपाल के प्रतिष्ठित त्रिभुवन विश्वविद्यालय (टीयू) में छात्र संगठनों के बीच शक्ति प्रदर्शन और अवरोध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नेविसंघ के बाद अब माओवादी निकट अखिल क्रांतिकारी छात्र संगठन ने परिसर में तोड़फोड़, तालाबंदी और प्रशासनिक अवरोध शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, उपकुलपति (वीसी) दीपक अर्याल के कार्यभार संभालने के बाद से क्रांतिकारी संगठन लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बना रहा है। संगठन ने केन्द्रीय विभागों की शुल्क कटौती की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से वीसी कार्यालय के बाहर धरना दे रखा है। सोमवार को स्थिति तब बिगड़ी जब क्रांतिकारी कार्यकर्ताओं ने रेक्टर खड्ग केसी और रजिस्ट्रार केदार रिजाल के कार्यालय में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें संगठन की जिला प्रभारी ममता जोशी और कार्यकर्ता सुशील नेपाली घायल हो गए।

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तोड़फोड़ में शामिल कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन शाम तक छोड़ दिया गया। इसके बाद संगठन ने बयान जारी कर “शांतिपूर्ण आंदोलन” पर दमन का आरोप लगाया और प्रशासन पर वार्ता से बचने का आरोप लगाया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगातार बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र जिला प्रशासन कार्यालय, काठमांडू को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। एक पदाधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, गृहमंत्री रमेश लेखक और शिक्षामंत्री रघुजी पंत को भी सुरक्षा हस्तक्षेप के लिए अनुरोध भेजा गया है, लेकिन अभी तक हालात में सुधार नहीं आया है।

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विश्वविद्यालय के जानकारों का कहना है कि आंदोलन के पीछे केवल शैक्षिक मांगें ही नहीं, बल्कि पदों के बंटवारे की राजनीति भी जुड़ी हुई है। रेक्टर, रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कब्जे के लिए संगठन दबाव बना रहे हैं।

इससे पहले, नेविसंघ कार्यकर्ताओं ने भी वीसी कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। लगातार तालाबंदी, तोड़फोड़ और अवरोध से विश्वविद्यालय का शैक्षिक माहौल गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

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