Tue. May 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

खुफिया एजेंसी राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग फिर से प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन

 

१ जेठ, काठमांडू।

देश की एकमात्र खुफिया एजेंसी राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग को फिर से प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाया गया है।

बुधवार को कार्य विभाजन नियमावली में संशोधन करते हुए खुफिया निकाय को दोबारा प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखा गया।

इससे पहले, एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली जब प्रधानमंत्री थे, तब गृह मंत्रालय के अधीन रहे राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाया गया था। लेकिन जेनजी आंदोलन के बाद गठित सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली सरकार ने विभाग को फिर गृह मंत्रालय के अधीन कर दिया था।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 19 मई 2026 मंगलवार शुभसंवत् 2083

२१ फागुन को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने के बाद बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने पर खुफिया एजेंसी को एक बार फिर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कर दिया गया है।

१५ चैत को इसी सरकार द्वारा सार्वजनिक किए गए “सुशासन मार्गचित्र २०८२” में भी खुफिया एजेंसी को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखने की सिफारिश की गई थी।

प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के सचिव गोविन्दबहादुर कार्की की संयोजकता वाली समिति द्वारा तैयार किए गए सुशासन मार्गचित्र के पृष्ठ ८०२ में स्पष्ट रूप से सुझाव दिया गया था कि खुफिया विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखा जाए।

यह भी पढें   नेपाल बार एसोसिएशन द्वारा आज से विरोध प्रदर्शन

मार्गचित्र में कहा गया है कि “विभाग को बार-बार मंत्रालय परिवर्तन से बचाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन रखकर संस्थागत स्थायित्व दिया जाए।” इसमें यह भी उल्लेख था कि यह कार्य तीन महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि संस्थागत स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री कार्यालय के स्रोतों के अनुसार, इसी सिफारिश के आधार पर अब खुफिया एजेंसी को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाया गया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *