Sun. Jun 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

दरारों को मिटा देना, घुटन अब मैंं सहूँ कैसे : अनीताशाह

 

💐चित्रलेखन💐
दरारों को मिटा देना, घुटन अब मैंं सहूँ कैसे।
लकीरों में छुपी बातें , बता तुमसे कहूँ कैसे।
जमाने ने बनाये रस्म उसको तोड़ना मुश्किल-
बगावत कर रहा है दिल बिना तेरे रहूँ कैसे।

कहूँ क्या जिंदगी तेरे बिना मुश्किल नज़र आई।
लकीरों के हिसाबों में गज़ब ग़म की लहर आई।
रहा बचपन हमारा भी बहुत प्यारा, दुलारा-सा-
जुदा होने लगें जब हम, हमारी आँख भर आई।

अनीताशाह, नेपाल

यह भी पढें   हिमालयन लिटरेचर फेस्टिवल में हिमालिनी द्वारा तराई बहुभाषिक कवि सम्मेलन का आयोजन
अनीताशाह,

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed