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अजहर मसूद काे अन्तरराष्ट्रीय आतंकवादी घाेषित करने के लिए पाकिस्तान तैयार

 

 

 

जैश-ए-मोहम्मद की भारत में अंजाम दी गई आतंकी हरकतों के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव में फंसा पाकिस्तान इसके सरगना मसूद अजहर पर अपने रुख को बदलने के लिए तैयार हो गया है। रविवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाए गए प्रस्ताव का विरोध नहीं करने का निर्णय लिया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, पाकिस्तान ने एक अहम नीतिगत निर्णय लेते हुए जैश व लश्कर-ए-ताइबा समेत अपने यहां मौजूद सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ भी ‘कठोर कदम’ उठाने की तैयारी कर ली है। इस निर्णय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से अखबार ने बताया कि इस कार्रवाई की जद में जैश सरगना मसूद अजहर भी आएगा। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मसूद अजहर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इस अधिकारी ने इशारा किया है कि पाकिस्तान जैश सरगना को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव की राह का रोड़ा नहीं बनेगा। इस अधिकारी का कहना है कि सरकार को यह तय करना है कि देश के विस्तृत हित ज्यादा कीमती हैँ या एक व्यक्ति।

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बता दें कि सुरक्षा परिषद में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने का प्रस्ताव अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से रखा गया है, जिस पर अगले 10 दिन में निर्णय होना है। कुल 15 देशों की उपस्थिति वाली सुरक्षा परिषद में ये तीनों देश भी वीटो अधिकार रखते हैं। पिछले 10 साल में 4 बार परिषद में चीन वीटो लगाकर अजहर के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने से रोक चुका है।

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इससे पहले 2009 और 2016 में भारत की तरफ से यह प्रस्ताव रखा जा चुका है, जिसे अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने भी समर्थन दिया था। इसके बाद 2017 में भी यह तीनों देश खुद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव रख चुके हैं, जिसे चीन ने वीटो किया था। लेकिन इस बार तीनों देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ चीन का वीटो आने पर अपने वीटो के प्रयोग का इशारा किया है, जिससे यह प्रस्ताव पारित होने की संभावना बढ़ गई है।

मसूद अजहर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जानकारी देने वाले वरिष्ठ अधिकारी का दावा है कि यह अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं किया जा रहा, बल्कि पुलवामा में आतंकी हमले से पहले ही पाकिस्तान सरकार ने यह कदम उठाने का निर्णय कर लिया था। उसने कहा कि यह भारत के सामने छवि सुधारने का प्रयास नहीं है, बल्कि हम अपने राष्ट्रीय हित में कुछ गड़बड़ियां ठीक करना चाहते थे।

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इस अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने जांच की थी, लेकिन उन्हें पाकिस्तान या किसी अन्य संगठन के इस हमले में शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले। इस अधिकारी ने भारत की तरफ से दिए गए डोजियर में हमले के पीछे पाकिस्तानी संगठन का हाथ होने के संदेह के अलावा कोई सबूत होने से भी इनकार कर दिया .

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