Tue. Apr 28th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ न्यूयार्क की सड़कों पर विरोध

 

न्यूयार्क, एएनआइ।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ न्यूयार्क की सड़कों पर अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन हुआ। पीली टैक्सियों और मिनी ट्रकों की छतों पर डिजिटल स्क्रीन के जरिए पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्मों को दर्शाया गया। चौबीसों घंटे यह वाहन पाकिस्तान की कारस्तानियों का नमूना पूरे शहर भर में लेकर घूमते रहे।

पाकिस्तान की अपने यहां के अल्पसंख्यकों पर ज्यादतियों के खिलाफ यह अभियान बड़े पैमाने पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण से पहले छेड़ा गया है। यह विरोध प्रदर्शन करने वाला अमेरिका का एडवोकेसी ग्रुप है।

संयुक्त राष्ट्र के चार्टर को नहीं मानता पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय के आसपास घूमते हुए इन वाहनों की डिजिटल स्क्रीन पर लिखा था, ‘पाकिस्तान ऐसा देश है जो मानवाधिकार पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर को नहीं मानता और मुहाजिर पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के दखल की मांग करते हैं।’

यह भी पढें   नेपालगन्ज में आध्यात्मिक गुरु शंकराचार्य की जन्म  जयन्ती के अवसर पर शुभकामना आदानप्रदान

मेयर वासेय जलील ने बताया कि पाकिस्तान मुहाजिरों को ऐसे अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी नहीं करने देता है, इसलिए उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। इसलिए उन लोगों को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मदद मांगनी पड़ रही है। यह हमारा नैतिक, मानवीय और लोकतांत्रिक अधिकार है।

25 हजार से अधिक लोग मारे गए

उन्होंने बताया कि मुहाजिरों के खिलाफ यह अत्याचार दशकों से हो रहे हैं। हमारे 25 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग गायब किए जा चुके हैं। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि हमारी यह हालत पाकिस्तान ने की है। ध्यान रहे कि पाकिस्तान में मुहाजिर वह मुसलमान कहलाते हैं जो भारत के बंटवारे के वक्त मुख्यत: यूपी और बिहार से पाकिस्तान चले गए थे।

यह भी पढें   सुकुम्वासी बस्ती के ८१० घरों को किया गया ध्वस्त

इसीतरह वाइस ऑफ कराची के अध्यक्ष नदीम नुसरत ने बताया कि पाकिस्तान एकतरफ तो अपने ही देश के अल्पसंख्यकों को यातनाएं दे रहा है और दूसरी ओर प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में एक झूठी कहानी सुना रहे हैं।

पाक पीएम अपना घर दुरस्त करें

उन्होंने कहा कि यह वाकई शर्मनाक है कि पाकिस्तान कहता है कि भारत मुसलमानों के खिलाफ है। जबकि पाकिस्तान ने खुद ही धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए देश को नर्क बना कर रखा है। पाकिस्तान कश्मीर की बात करता है, लेकिन करीब पांच लाख पाकिस्तानी ऐसे हैं जो अभी भी बांग्लादेश में रेडक्रास के शिविरों में रह रहे हैं। इस बात का कोई मतलब नहीं कि पाकिस्तान सीमा पार के लोगों की बात करता है, लेकिन अपने ही देश में अपने ही लोगों की अनदेखी करता है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पहले अपना घर दुरुस्त करें। इसके अलावा, वाइस ऑफ कराची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस को लिखा है कि वह कराची के लोगों और पाकिस्तान के सरकारी दमन के पीडि़तों को न्याय दिलवाएं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *