Mon. May 18th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल के रास्ते पाकिस्तान और कनाडा का दाल जा रहा है भारत

 

कनाडा और पाकिस्तान की मटर व उसकी दाल नेपाल के रास्ते भारत जा रही है। दो माह में एक टन से अधिक माल पकड़े जाने से भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह आंकड़ा सिर्फ सिद्धार्थनगर जिले से लगने वाली नेपाल सीमा पर पकड़ी गई मटर व दाल का है।  भारतीय मीडिया के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी तस्करी जारी है। सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिले में आए दिन अवैध रूप से लाई जा रही दाल की बरामदगी हो रही है।

नेपाल में दाल बनाने की नही है कोई युनिट

यह भी पढें   बाँके के बिनौना में महिला और पुरुष करके १५७ लोगों ने किया रक्तदान 

सिद्धार्थनगर जिले की 65 किमी नेपाल की खुली सीमा से सुरक्षा एजेंसियाें ने औसतन करीब दस क्विंटल मटर व दाल पकड़ी हैं। एजेंसियों के अनुसार नेपाल मटर उत्पादक राष्ट्र नहीं है। नेपाल में दाल बनाने की यूनिट भी केवल दो हैं। सशस्त्र सीमा बल व कस्टम के साथ पुलिस कर्मी हैरान हैं कि इतनी मात्रा में मटर व दाल कैसे नेपाल में पहुंच रही है और वहां से तस्करी हो रही है।

पुलिस‍ ने पकड़े दो माह में पचास मामले

दो माह में करीब पचास मामले पकड़े गए हैं। एसएसबी ने मटर तस्करी के संबंध में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है। भारत में मटर का दाम 45 से 50 रुपये प्रति किग्रा है, जबकि तस्करी से आ रही मटर की कीमत 35 रुपये किग्रा बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के हाथ कैरियर ही लगे हैं। वे साइकिल व बाइक पर बोरी में मटर लेकर सीमा पार करते हैं। पिकअप भी पकड़ी गई है।

यह भी पढें   वर्तमान सरकार उन्हें किसी भी हालत में नहीं बचाएगी और उनपर कारवाई करेगी –सुदन गुरुङ

बरामदगी के कुछ ताजा मामले

11 अक्टूबर को एसएसबी जवानों ने 12.50 क्विंटल मटर व दाल पकड़ी गई थी।

21 अक्टूबर को ग्राम पोखरभिटवा के पास 2.80 क्विंटल मटर दाल व मटर पकड़ी गई थी।

पांच नवंबर को ग्राम चरिगवा के पास एक पिकअप मटर दाल पकड़ी गई थी।

मटर की तस्करी को एसएसबी ने गंभीरता से लिया है। यह मटर कहां से आ रही है, इसकी जांच की जा रही है। सीमा पर बने गोदामों की जांच कराई जा रही है। बरामदगी की रिपोर्ट प्रतिदिन केंद्र को भेजी जाती है। बरामद मटर कनाडा की है या पाकिस्तान की। इसके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते। – अमित कुमार सिंह, कमांडेट एसएसबी-43वीं वाहिनी।

यह भी पढें   तीन दिवसीय जनकपुर साहित्य महोत्सव जनकपुरधाम में शुरू

 

दैनिक जागरण में प्रकाशित

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *