भारतीय फिल्म निर्माता प्रकाश झा
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भारतीय फिल्म निर्माता प्रकाश झा की कहानी किसी भी फिल्म से कम नहीं है । भारतीय राज्य बिहार के चम्पारण में जन्मे प्रकाश झा वर्त्तमान समय में एक सफल फिल्म निर्मात्ता के रुप में भारतीय फिल्म जगत में अपनी सफलता का परचम लहरा रहे हैं ।
पेंटर बनने का सपना देखने वाले प्रकाश झा को ‘धर्मा’ की शूटिंग ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया । इसके लिए उन्होने एफ. टी. आई. आई -पूणा) की राह ली । फिल्म ‘हिप हिप हर्र्रर्से बतौर निर्देशक के तौर पर करियर की शुरुआत करने वाले प्रकाश झा ने ‘दामुल’, ‘मृत्यु दण्ड’, ‘गंगाजल’ एवं ‘अपहरण’ जैसी फिल्में बनाकर दर्शकों की ही नहीं बल्कि समीक्षकों एवं आलोचकों की भी प्रशंसा बटोरी । इन दिनो अपनी भव्य मल्टी स्टार महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजनीति’ को लेकर प्रकाश झा चर्चा में हैं ।
एक सवाल के जबाव में वे कहते हैं मैं एक सामाजिक प्राणी हूँ, राजनीति से प्रेम करता हूँ । मुझे लगता है भारत के अलावा दुनिया में जितने भी देश हैं और वहाँ लोकतन्त्र है, राजनीति आम इंसान से लेकर खास तक सभी को प्रभावित करती आयी है । इसलिए मुझे लगा कि इसे समझना और इस पर बात करना जरुरी है । यही वजह है कि मैं ‘राजनीति’ जैसे विषय पर फिल्म बनाने को प्रेरित हुआ । लोग समझते हैं कि मैं सक्रिय राजनीति में हूँ और दो बार लोकसभा का चुनाव भी लड चुका हूँ तो इसलिए मैने ‘राजनीति’ फिल्म बनाने की बात सोची है, मगर ऐसी बात नहीं है । राजनीति में आने से पहले मै राजनीति के विभिन्न पहलुओं को समझता-देखता आया हूँ और यह बता दूँ कि मैं पहले फिल्मकार हूँ । राजनीति अलग पहलू है ।
फिल्म ‘राजनीति’ के विभिन्न किरदारों में आपको अनगिनत शेड्स देखने को मिलेंगे । साथ ही इस फिल्म का किसी भी जीवित या मृत राजनेता से कोई संबंध नहीं है । कई लोग कैटरिना कैफ के रोल की तुलना सोनिया गाँधी से कर रहे है पर यह सच नहीं है । हाँ, आपको कुछ घटनाएँ, चरित्र व रंग जरुर मिलते-जुलते नजर आयेंगे ।
प्रकाश झा फिल्म निर्माण में आनेवाली चुनौतियों पर कहते हैं यों तो मेरे लिए हर फिल्म बनाना चुनौती होती है मगर ‘राजनीति’ भी काफी चुनौतीपर्ूण्ा रही । यदि इसकी शूटिंग मैं निर्धारित -१०६ दिन) से एक दिन पहले अर्थात १०५ दिनों में कर पाया तो इसका श्रेय मैं अपने तमाम कलाकारों व तकनीशियनों को देना चाहूँगा । साथ ही सहयोग के लिए भोपाल के लोगों की दाद देना चाहंूँगा । मेरे तमाम कलाकारों यथा अजय, रणबीर, मनोज, नसीर जी, अर्जुन रामपाल का मैं शुक्रगुजार हूँ । सभी ने कडी मेहनत की है । अजय ने तो कमाल का काम किया है । जहाँ तक कैटरीना के रोल की बात है तो राजनेता के रोल के लिए शारीरिक हाव-भाव के अलावा सवांद अदायगी को परफैक्ट बनाने में उसने जी जान लगा दी है ।
हाँ, नाना पाटेकर के साथ गलत फहमियों व मिस कम्युनिकेशन के चलते थोडी सी अनबन हो गयी थी । मगर अब सब ठीक है । आप जब एक प्रोजेक्ट पर काम करते हैं तो छोटी-मोटी बातें हो जाना आम बात है । मगर नाना पाटेकर ने अपनी शूटिंग पुरी कर ली और अब किसी तरह की समस्या नहीं है ।
अपनी फिल्म ‘राजनीति’ के बारे में प्रकाश झा कहते हैं इस फिल्म को लेकर मैं काफी उत्साहित हूँ । क्योंकि अपने एनजीओ व युटीवी के कोलावरेसन के तहत हम मई में इसका प्रिमियर विश्व के १०-१२ देशों में करेंगे और उससे प्राप्त फंड से बिहार में एक बडÞा अस्पताल बनायेंगे । इसकी स्टार कास्ट में १०-१२ दिग्गज हैं । मई तक उन सभी ने प्रण लिया है कि वे इसके तमाम प्रिमियरों में भाग लेंगे ।
अपनी नयी फिल्म ‘राजनीति’ को लेकर निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा खासे उत्साहित हैं । चम्पारण के इस लाल ने दुनिया के पैमाने पर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक नयाँ कर्ीर्तिमान स्थापित किया है । चम्पारण समेत सूबे बिहार व फिल्म उद्योग के विकास को लेकर समर्पित प्रकाश झा युवाओं को सीख देते हैं कि उन्हे सफलता प्राप्त करने के लिए पूरे उत्साह के साथ अपने कार्य को अजांम देना चाहिए । प्रत्येक युवा को चाहिए कि वे अपने लक्ष्य को निर्धारित कर काम करें सफलता तो उन्हे अवश्य मिलेगी । बिहार की धरती पर फिल्म उद्योग को स्थापित करने की मंशा पाल रहे श्री झा कहते हैं मेरी यह इच्छा है कि बिहार में फिल्मसिटी बने और उसमें बिहार तथा पडोसी देश नेपाल के नये-प्रतिभावान कलाकारों को काम मिले ।
-फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा से वार्ता पर आधारित)

