Tue. Jun 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें
 

काठमांडू, १२ अप्रिल । सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के अध्यक्ष द्वय पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड और केपशर्मा ओली बीच रहे असमझदारी फिर बाहर आने लगी है । विशेषतः गत मार्गशीर्ष ४ गते दो अध्यक्ष के बीच कार्यविभाजन होने के बाद प्रायः हरेक महत्वपूर्ण सरकारी निर्णय में उन लोगों की असमझदारी सामने आती है ।

 

गृह मन्त्रालय स्रोत के अनुसार पिछली बार प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने डीआईजी बढुवा के लिए सूची मांग किया । राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में रहे एसएसपी गणेश ऐर का नाम नेकपा अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड द्वारा आग्रह होने पर गृहमन्त्री रामबहादुर थापा ने सिफारिश किया था । प्रचण्ड ऐर को प्रथम नम्बर में ही रखकर सिफारिश करना चाहते थे, लेकिन गृहमन्त्री थापा ने उनको ५वें नम्बर में रख दिया ।

यह भी पढें   आईपीएल २०२६ : गुजरात टाइटंस को हराकर बेंगलुरु दूसरी बार विजेता बना

इसीतरहर चैत्र २४ गते मन्त्रिपरिषद् बैठक ने महाप्रसाद अधिकारी को राष्ट्र बैंक में गर्भनर नियुक्त करने का निर्णय लिया । प्रचण्ड मीनबहादुर श्रेष्ठ को गभर्नर बनाना चाहते थे । लेकिन प्रधानमन्त्री ओली ने इस विषय में कोई भी विचार–विमर्श ही नहीं किया । चैत्र २ गते सभामुख अग्निप्रसाद सापकोटा ने गोपालनाथ योगी को संसद् में कार्यवाहक महासचिव का जिम्मेदारी दिया । योगी को कार्यवाहक बनाने के लिए भी दो अध्यक्ष के बीच कोई बीच सहमती नहीं हुई थी ।

यह भी पढें   सरकार ने की नेपाल टेलिकॉम के शेयर बेचने की घोषणा

 

ऐसे कई प्रकरण है, जिससे अध्यक्ष द्वय ओली और प्रचण्ड के बीच में रहे संकटपूर्ण संबंध को उजागर होता है । विशेषतः गत मार्गशीर्ष ४ गते ओली और प्रचण्डबीच हुए कार्यविभाजन के बाद पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमन्त्री के बीच तालमेल नहीं हो रहा है । इसीबीच पौष २३ गते उपाध्यक्ष वामदेव गौतम निवासी में सचिवालय सदस्यों की एक भेला आयोजन संपन्न हुआ, जहां बहुमत सदस्य अध्यक्ष प्रचण्ड के पक्ष में दिखाई दिए ।

यह भी पढें   भारत सरकार ने नेपाल को दिया दस कैदी वाहन

 

उसके बाद ओली पक्षधर नेताओं का कहना है कि पूर्व एमाले के भीतर खेलकर प्रचण्ड ओली को घेराबंदी कर रहे हैं । इधर प्रचण्ड पक्षधर नेताओं का कहना है कि ओली सरकार में एकल निर्णय करते हैं और पार्टी संचालन में असहज अवस्था सिर्जना करते हैं ।

 

आज प्रकाशित अन्नपूर्ण पोष्ट में इसके संबंध में एक रिपोर्ट प्रकाशित है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *