कोरोना कहरः कतार में आप्रवासी श्रमिकों के ऊपर अत्याचार, अत्याचार में नेपाली भी
काठमांडू, १६ अप्रील । कोरोना वायरस (कोभिड–९) का कहर विश्वव्यापी है । उसका असर विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने लगी है । ऐसी ही क्रम में नेपाली श्रमिकों के लिए प्रमुख रोजगार गतंव्य के रुप में परिचित कतार में आप्रवासी (विदेशी) श्रमिकों के ऊपर हो रहे अत्याचार संबंधी एक रिपोर्ट सार्वजनिक किया है ।
एमनेष्टी इन्टरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट अनुसार कतारी अधिकारियों ने सयों अप्रवासी कमजारों को कोरोना वायरस परीक्षण के नाम में नियन्त्रण में लिया और रोजगारी से निकाल दिया है । उसमें नेपाली कामदार भी हैं । सार्वजनिक रिपोर्ट अनुसार गत फाल्गुन २९ और ३० गते कतार पुलिस ने २० नेपाली कामदार को नियन्त्रण में लेकर कोरोना परीक्षण किया और परीक्षण के बाद अपने–अपने अवास में वापस होने के लिए कहा गया । एमनेष्टी ने कहा है कि उन लोगों को कई दिनों तक हिरासत में रखा गया और बाद में नेपाल वापस कर दिया गया है ।
एम्नेष्टी इन्टरनेशनल के ग्लोबल इस्युज के निर्देशक स्टिभ ककबर्न ने कहा है– ‘उन लोगों के साथ क्यों ऐसा हुआ ? यसका जवाफ उन लोगों को नहीं मिला है । ना ही वे लोग अपने हिरासत और निष्काशन के विरुद्ध कोई मुद्दा ही पंजीकृत कर सकते हैं । कई दिनों तक अमानवीय हिरासत में रहने के बाद उन लोगों को नेपाल जाने के लिए कहा गया है और अपने रुम जाकर सामान लाने की अवसर भी नहीं दी गई ।’ उनका कहना है कि महामारी को आप्रवासी कामदोरों के ऊपर दुव्र्यहार करने की अवसर के रुप में प्रयोग करना दुःखद है । एम्नेष्टी ने यह भी कहा है कि जो कामदार कंपनी से निकाले गए हैं, उन लोगों की पारिश्रीमक और रोजगार संबंधी अन्य सुविधा तत्काल मिलनी चाहिए ।

