कोरोना वायरस का वैक्सीन साल के अंत तक उपलब्ध हो जाएगा : ट्रंप
चीन से शुरू हुए जानलेवा कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा तबाही अमेरिका में मचाई है। किसी भी दूसरे देश के मुकाबले अमेरिका में वायरस की वजह से सबसे ज्यादा मौत हुई है। दुनिया भर के कई देश इसका इलाज खोजने में जुटे हुए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार दावा करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस का वैक्सीन साल के अंत तक उपलब्ध हो जाएगा।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के वर्चुअल टाउन हॉल में कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारे पास साल के अंत तक एक वैक्सीन होगा।’
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार कोरोना वायरस की महामारी से संक्रमित लोगों का आकड़ा 11 लाख 57 हजार 687 हो गया है। जबकि वायरस से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 67,674 हो गई है। कोरोना महामारी की वजह से वैश्विक स्तर पर अबतक 2 लाख 47 हजार 306 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 35 लाख को पार कर गई है।
कोरोना वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन की खोज पहले से ही दुनिया भर में तेज हो गई है। यूरोपीय संघ ने एक अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कार्यक्रम ( International Medical Program) स्थापित करने का वादा किया है, जिससे कोरोना वायरस से लड़ने की वैश्विक प्रतिक्रिया का नेतृत्व किया जा सके और साथ ही महामारी की वैक्सीन बनाने के लिए 8 बिलियन अमरीकी डालर का फंड इकट्ठा किया जा सके।
ब्रिटेन में, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कोविड-19 के संभावित वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गए हैं। इस बीच, यूरोप के अन्य डेवलपर्स ने भी कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी के खिलाफ अपने काम को आगे बढ़ा दिया है।
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका की कंपनियों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में कम से कम 115 वैक्सीन परियोजनाएं चल रही हैं। स्पुतनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जोर देकर कहा था कि कोरोना वायरस का टीका विकसित होने पर दुनिया भर में प्रत्येक व्यक्ति के लिए सार्वभौमिक और उपलब्ध होना चाहिए।

