आत्मनिर्भर हो संसार में आत्मसम्मान हाँसिल करो : इन्दु तोदी
6 years ago
“”आत्म निर्भर बनो “”
मरनेसे पहले जीना है तो खुदके पैरों से चलो, मनुष्यता के वजूद को फिर तराजू पर तोलो कर्म के बिना सक्षम बन नही सकते कर्म करो आस दूजे की छोड़ो खुद को संचालित करो सम्पूर्ण बना कर भेजा है उस ने तुम खुद करो खुद की होते हुए क्यूँ दृष्टि गैर की प्रयोग करो हाथ पैर शरीर हैं क्यूँ न उनका सदुपयोग करो स्वयं का भला बुरा स्वयं ही सोचकर आगे बढ़ो अपने किए का दोष किसी और के मत्थे न मढो खुद मार्ग चूनो खुद ही चलो खुद शिखर पर चढो कुछ रहे ना रहे चाहे हिम्मत से सब सम्भव करो जिस ने कर्म करना सिखा वही जगमें जीया खुद के लिए ही सही काम तुम जो बड़े बड़े करो सब से पाओ बड़ाई सब की ही नजरो में उँचा चढ़ो सब से बड़ा अभिशाप है दुनिया में परवश होना आत्मनिर्भर हो संसार में आत्मसम्मान हाँसिल करो ।