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सीमा विवाद को अन्तर्राष्ट्रीयकरण करना नहीं पड़ेगाः मन्त्री खतिवडा

 

‘लिम्पियाधुरा, लिपुलेक और कालापानी नेपाली भूमि है, यह सत्य भारत भी स्वीकार करेगा’

काठमांडू, २२ मई । अर्थमन्त्री तथा नेपाल सरकार के प्रवक्ता डा. युवराज खतिवडा ने कहा है कि नेपाल–भारत सीमा विवाद को अन्तर्राष्ट्रीयकरण करने का जरुरत ही नहीं है । उनका विश्वास है कि लिम्पियाधुरा, लिपुलेक और कालापानी नेपाली भूमि है, इस सत्य भारत भी स्वीकार करेगा । शुक्रबार सम्पन्न मन्त्रिपरिषद् बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
मन्त्री डा. अतिवडा ने कहा है कि सीमा विवाद को वार्ता और कुटनीतिक माध्यम से समाधान करने की कोशीश की जाएगी । उसके बाद जो परिस्थिति बनेगी, तब ही अन्य प्रक्रिया के संबंध में विचार की जाएगी । मन्त्रिपरिषद् बैठक निर्णय सार्वजनिक करते हुए मन्त्री खतिवडा ने कहा– ‘नक्सा जारी करने के बाद उसके साथ संबंधित विवादित विषय, अथवा पड़ोसी देशों के सथा रहे विवाद को दो पक्षीय वार्ता और कुटनीतिक प्रयास द्वारा हल किया जाएगा । इस को तत्काल अन्तर्राष्ट्रीयकरण किया जाए, सरकार ने ऐसा नहीं सोचा है ।’
मन्त्री खतिवडा ने यह भी विश्वास किया कि उल्लेखित भूमि नेपाल की है, तथ्य प्रमाण देखकर भारत भी यह बात स्वीकार करेगा । उन्होंने आगे कहा– ‘सरकार को आशा है कि नेपाल सरकार के पास जो प्रमाण और तथ्य है, उसके आधार में मित्र राष्ट्र भी स्वीकार करेगा कि हमारी उक्त भूमि स्वत हमारी है, इसके लिए हम लोग प्रयास गरेंगे । उसके बाद ही क्या करना है, सोचना पड़ेगा ।
मन्त्री खतिवडा ने कहा कि नेपाली भूमि के ऊपर विवाद ना करने के लिए भारत से अनुरोध कर वार्ता के लिए आह्वान भी किया जाएगा ।

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