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आक्सफोर्ड से कोरोना वैक्सिन खरीदने वाले देशों की लगी लाइन, भारत अमेरिका ब्रिटेन सेपहले ही समझौता

 

ब्रिटिश दवा कंपनी ‘एस्ट्राजेनेका पीएलसी’ के टीके के लिए खरीद अभी से जारी है। कंपनी ने शनिवार को बताया कि उसने कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी संभावित वैक्सीन की आपूर्ति के लिए यूरोपीय सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता वैक्सीन की 40 करोड़ डोज की आपूर्ति के लिए किया गया है जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड विकसित कर रही है। कंपनी समझौते के लिए जापान, रूस, ब्राजील और चीन के साथ भी बातचीत कर रही है।

कंपनी का कहना है कि वह वैक्सीन उत्पादन का विस्तार करने पर विचार कर रही है। उसका कहना है कि महामारी के दौरान वह इसे बिना लाभ कमाए उपलब्ध कराएगी। इसकी आपूर्ति इस साल के आखिर में शुरू होने की संभावना है। यूरोप के इंक्लूसिव वैक्सीन अलायंस (आइवीए) द्वारा हस्ताक्षरित यह पहला समझौता है। फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड द्वारा गठित इस समूह का मकसद सभी सदस्य देशों के लिए जल्द से जल्द वैक्सीन हासिल करना है।

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जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यूरोपीय यूनियन (ईयू) के स्वास्थ्य मंत्रियों की शुक्रवार को हुई बैठक में आइवीए ने अपनी गतिविधियों का ईयू कमीशन में विलय करने पर सहमति व्यक्त की। मालूम हो कि कंपनी पहले ही अमेरिका व ब्रिटेन को 70 करोड़ डोज की आपूर्ति और भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ एक अरब डोज का समझौता कर चुकी है।

‘एस्ट्राजेनेका’ के चीफ एक्जीक्यूटिव पास्कल सोरिऑट ने बताया कि पर्याप्त प्रभावशीलता और सुरक्षित दिखने के बाद ब्रिटिश नियामक ‘मेडिसिंस एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी’ (एमएचआरए) ने वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इटली के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्पीरेंजा ने भी एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि वैक्सीन का प्रयोगात्मक चरण पहले ही काफी आगे बढ़ चुका है और इसके शरद ऋतु में खत्म होने की संभावना है।

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ज्ञात हो कि कोविड-19 की प्रयोगात्मक वैक्सीन का परीक्षण ब्रिटेन में अप्रैल में 18-55 वर्ष आयु वर्ग के एक हजार लोगों पर शुरू हुआ था। परीक्षण का अगला चरण पिछले महीने 10 हजार अन्य लोगों पर शुरू हुआ। उल्‍लेखनीय है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सभी देश इस समय वैक्सीन को ही इसका एकमात्र प्रभावी समाधान मानकर चल रहे हैं। अमेरिका पहले ही एस्ट्राजेनेका से 30 करोड़ वैक्सीन खरीदने का सौदा कर चुका है। ब्रिटेन ने भी वैक्सीन खरीदने का सौदा पक्का कर चुका है। सनद रहे कि यह स्थिति त‍ब है जब टीका अभी भी ट्रायल के दौर में है।

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