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कल 21जून रविवार को कंकनाकृत सूर्य ग्रहण प्रातः काल 9:27 पर प्रारम्भ होगा: पंडित पुरूषोत्तम दुबे

 

कल 21 जून 2020 मिति आषाढ़ ७ गते रविवार को कंकनाकृत सूर्य ग्रहण का नेपाली समयानुसार प्रातः काल 9:27 पर प्रारम्भ होगा। 12:25 पर अधिकतम ग्रहण व दोपहर 3:19 बजे आंशिक ग्रहण समाप्‍त होगा। इस ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले ही लग जाएगा। ज्योतिष के अनुसार 21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण 6 ग्रह (बुध, गुरु, शुक्र, शनि राहु व केतु) वर्की करेंगे। इन 6 ग्रहों के एक साथ वक्री रहने से देश-दुनिया के लिए संकट की घड़ी हो सकती है। अन्य भी ज्योतिषाचार्यों को बोलना है कि ग्रहण से पृथ्वी पर कई तरह की प्राकृतिक आपदा आने की प्रबल संभावना है।

21 जून 2020 को लगने जा रहा इस साल का पहला सूर्य ग्रहण अपने साथ कई अजब संयोग लेकर आ रहा है। ज्योतिष दुबे अनुसार इस सूर्य ग्रहण के विश्वव्यापी प्रभाव होंगे और अर्थव्यवस्था से लेकर कई अन्य मोर्चों पर भी इसका प्रभाव दिखेगा । कोरोना का भी असर 18 सितम्बर से कम होने का सुरुवात संकेत मिलेंगे।

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21 जून को मिथुन राशि में अमावस्या तिथि को मृगशिरा नक्षत्र में जो सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, उस दौरान 6 ग्रह शनि, गुरु, शुक्र, बुध, राहु व केतु वक्री अवस्था में होंगे। यह भी एक अजीब संयोग बन रहा है इसलिए ज्योतिष जगत की दृष्टि इस सूर्य ग्रहण पर बिशेष रुपसे टिकी हुई हैं। यह सूर्य ग्रहण क्योंकि रविवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे चूड़ामणि ग्रहण कहा गया है।

पण्डित दुबे ने कहा वलयाकार इस ग्रहण की शुरुआत नेपाली समय सुबह 9 बजकर 27 मिनट होगी और यह दोपहर 2 बजकर 17मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाएगा। नेपाल/भारत समेत इस ग्रहण को दक्षिण-पूर्व यूरोप, हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में देखा जा सकेगा।

उन्होंने कहा 21 जून को लगने वाला यह ग्रहण देश एवम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के संकेत दे रहा है और लघु उद्योगों के पुनर्जीवित होने व रफ्तार पकड़ने की संभावनाओं को भी दर्शा रहा है। कृषि व बागवान सेक्टर के लिए भी यह बहुत शुभ रहेगा। देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगेगी। रियल एस्टेट में शिथिलता रहेगी लेकिन हेल्थ व आईटी सेक्टर मजबूत होगा।

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दुबे अनुसार यह ग्रहण क्योंकि मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लग रहा है इसलिए मिथुन वालों पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस ग्रहण के समय कुल 6 ग्रह वक्री होंगे और ग्रहण के समय मंगल जलीय राशि मीन में बैठकर सूर्य चंद्रमा बुद्ध व राहू को देख रहा होगा, जो अच्छा संकेत नहीं है। इससे समंदर में चक्रवात, तूफान, बाढ़ व अत्यधिक बारिश जैसे प्राकृतिक प्रकोप के आसार बनेंगे। खासकर पूर्वोत्तर एवम यूरोपीय देशों में काफी उथल-पुथल मचेगी। शनि, मंगल और गुरु के प्रभाव से विश्व के कई बड़े देशों में आर्थिक मंदी का असर एक वर्ष तक देखने को मिलेगा। कुछ देशों के बीच आपसी तनाव भी बढ़ेगा।

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पण्डित दुबे अनुसार यह सूर्य ग्रहण मेष, कन्या व मकर राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है। वृष, कर्क राशि वालों को धन व यश की हानि हो सकती है। मिथुन राशि वालों को वाहन दुर्घटना का भय रहेगा। सिंह राशि वालों को कहीं से अचानक धन लाभ होगा। तुला राशि वालों को वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। वृश्चिक राशि के लिए समय थोड़ा कष्टकारी रहेगा। धनु राशि वालों को स्त्री के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कुंभ व मीन राशि वालों को पारिवारिक व कार्यक्षेत्र में कुछ चिंताएं घेर सकती हैं। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र का जप करने से सब संकटों से दुर हो जाएंगे

ज्योतिष सम्राट पंडित पुरुषोतम दुबे
केन्द्रिय उपमहासचिव , नेपाल ज्योतिष परिषद ।

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