जीवन को सरस बनाये निरस नही : श्रीश्री रविशंकर
माला मिश्रा, विराटनगर ,२८ फरवरी । नेपाल के पूर्वांचल दौड़े में रहे आर्ट आफ लीविंग का संस्थापक श्रीश्री रविशंकर गुरूवार को विराटनगर एतिहासिक शहीद रंगशाला मैदान में हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा र्इश्वर सर्वत्र है, हमारी जो भी इच्छा है उसे पूरा करती है। जीवन को सरस बनाये निरस नही। अपने चेहरे पर उदासी आने न दें। अध्यात्म को अपनाये और सुखी खुशी रहे। उन्होंने कहा जिंदगी में कभी उदास न रहो। उदासी किसी समस्या का समाधान नही बलिक रोग बीमारी का लक्षण है। उन्होंने लोगों से खाद रहित भोजन अपनाने का सुझाव दिया। कहा चीनी कम खाये यह हानिकारक है इसके खाने से कर्इ बीमारी होते है। उन्होंने गुड़ को भारत का ब्रांड बताया है तथा इसके फायदे गिनाये। उन्होने अत्यधिक मात्रा में चीनी सेवन से जोड़ों पीठ व घुटनों में दर्द बताते हुए कि उम्र दराज के लोगों में इसका अधिक असर होने की जानकारी दी। उन्होंने राजनेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि राजनेता अपने कुर्सी बचाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते है जो ठीक नही है। उन्होंने खाना खाने से पूर्व अन्न दाता सुखी भव मंतोचरण का सुझाव दिया। कहा जो किसान हमें अन्न उपजाकर देते है अगर वह सुखी नही हो तो हम कैसे सुखी रह सकते है। उन्होंने कहा जिस देश में व्यापारी दुखी है वह देश कभी

तरक्की नही कर सकता। अगर व्यापारी सुखी होगा तो देश स्मृद्ध होगा। इससे पूर्व चार्टर विमान से विराटनगर पहुंचे श्री रविशंकर स्थानीय यूरो किडस नेपाल पहुंचे जहां गोलछा परिवार के सदस्यो तथा विदयालय के छात्र छात्राओं ने उन्हें जोरदार स्वागत किया। इस मौक पर आध्यातिमक गुरू ने छात्र छात्राओं को शिक्षा के कर्इ गुर भी सिखाये। कहा बच्चे को शरारती होना चाहिए। इस मौके पर गोलछा आर्गनार्इजेशन के वरिष्ठ सदस्य ज्ञानचन्द्र दुग्गड़, उदयोग संगठन मोरंग के अध्यक्ष दिनेश गोलछा ने उन्हें शाल उढ़ाकर सम्मानित किया। बच्चों को देख प्रभावित अध्यातिमक गुरू ने छात्र छात्राओं से बातचीत भी की तथा पढ़ार्इ के रूची के संबंध में पूछा। उन्होंने बच्चों को टीवी से परहेज करने का सुझाव भी दिया। इस मौके पर विदयालय के प्रेक्षा गोलछा सहित विदयालय के शिक्षक शिक्षिका अभिभावकगन व अन्य लोग मौजूद थे।

