Wed. Oct 14th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

आओ सखी आओ आ गई है तीज कर लो श्रृंगार जी भर के आज : रंजु गुप्ता

 

आ गई है तीज

रंजु गुप्ता
आओ सखी आओ आ गई है तीज
कर लो श्रृंगार जी भरकर आज
मेहंदीं से लिख दो हाथों में मेरे
पियाजी का नाम प्यारा सा इसमें
होठों पे लाली माथे पे बिंदिया
पहनूँगी हाथों में लाल—लाल चुडियाँ
ओढूँगी मैं बनारस वाली चुनरी
सोने — चाँदी की जरी होगी जिसमें
कानो में झुमका माथे पे टीका
रानीहार तिलहडी गले मे सजाउँगी
बिछियाँ और पायल की रुनझुन सुनो सखी
नाचूँगी मै आज तीज की खुशी में
कभी शरमा के कभी घबरा के
दपर्ण में खुद से बातें करुंगी
देखुंगी उसमे पियाजी का चेहरा
सोलह श्रृंगार करु‌ंगी मैं आज
तीज का व्रत करुंगी मैं आज
आओ सखी आओ आ गई है तीज
कर लो श्रृंगार जी भर के आज
शिवजी को प्रसन्न करके मैं आज
पार्वतीजी से विनती कर लूँगी आज
रखना मेरे सुहाग की लाज
सदा सुहागन मैं रहुं नाथ
मेरे सुहाग पे आये ना कोई आँच
करना सफल मेरी तपस्या मेरा मनोरथ
ऐसी कामना करती हुँ भोलेनाथ
आओ सखी आओ आ गई हैं तीज
कर लो श्रृंगार जी भर के आज

यह भी पढें   वृंदावन धाम : साहित्य और प्रेम का संगम : एक आत्मीय यात्रा-वृत्तांत

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com