चीन–नेपाल सीमा विवाद संबंधी विषय में सरकारी प्रतिक्रिया पर नेपाली कांग्रेस कि आपत्ति

काठमांडू, २४ सितम्बर । प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने नेपाल–चीन सीमा विवाद संबंधी विषय में नेपाल सरकार द्वारा सार्वजनिक प्रतिक्रिया में आपत्ति प्रकट की है । कुछ दिनों से समाचार आ रहा है कि हुम्ला जिला नाम्खा गांवपालिका स्थित नेपाल की भूमि पर चीन ने कब्जा कर भवन निर्माण किया है । इसके संबंध में बुधबार नेपाल सरकार परराष्ट्र मन्त्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि नेपाल–चीन बीच कोई भी सीमा समस्या नहीं है, नाम्खा में जो भवन बना है, वह चीन के ही जमीन पर है ।
सरकार द्वारा जारी इस प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करते हुए बिहीबार प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि सरकार की यह प्रतिक्रिया जल्दबाजी में आया है । पार्टी प्रवक्ता विश्वप्रकाश शर्मा द्वारा जारी विज्ञप्ति मे कहा है– ‘सीमा अतिक्रमण नहीं हुआ है, ऐसा कहकर परराष्ट्र मन्त्रालय द्वारा सार्वजनिक विचार के प्रति नेपाली कांग्रेस का ध्यनाकर्षण हुआ है ।’ विज्ञप्ति में आगे कहा गया है– ‘सीमा अतिक्रमण हुआ है या नहीं, उसका स्थलगत अध्ययन विवरण आने से पहले ही सरकार की ओर से अपना विचार सार्वजनिक होना ठीक नहीं है ।’
कांग्रेस ने कहा है कि अध्ययन टोली ने ११ नम्बर सीमा पिलर बुधबार ही प्राप्त किया है, और चीन से निर्मित भवन १२ नम्बर पिलर से भीतर है या बाहर, यह तो स्थलगत अध्ययन से ही पता चलता है । उससे पहले ही सरकार की ओर से जो धारणा सार्वजनिक की गई है, वह उपर्युक्त नहीं है । कांग्रेस ने यह भी कहा है कि अगर सीमा अतिक्रमण हुआ है, सरकार की ओर से विरोध होना चाहिए और कुटनीतिक प्रयास के माध्यम से सीमा विवाद समाधान करनी चाहिए । स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक दल और संचार माध्यम की ओर से गम्भीर अध्ययन के बाद ही सीमा संबंधी विषयों अवधारणा सार्वजनिक करने के लिए भी कांग्रेस ने कहा है ।

