नेपाल पुलिस द्वारा सार्वजनिक पुलिस भर्ती विज्ञापन विरुद्ध प्रदेश नं. २ सरकार द्वारा सर्वोच्च में रिट
काठमांडू, ६ नवम्बर । नेपाल पुलिस द्वारा सार्वजनिक पुलिस कर्मचारी भर्ती संबंधी विज्ञापन विरुद्ध प्रदेश नं. २ सरकार ने सर्वोच्च अदालत में रिट निवेदन पंजीकृत किया है । प्रदेश नं. २ सरकार का कहना है कि उक्त विज्ञापन संवैधानिक मर्म के विपपिरत है, विज्ञापन को स्थगित करना चाहिए ।
प्रदेश नं. २ के आन्तरिक मामिला तथा कानून मन्त्री ज्ञानेन्द्र कुमार यादव ने अपने वारेस सुनीलकुमार चौहान मार्फत बिहीबार सर्वोच्च में रिट निवेदन पंजीकृत करते हुए कहा है कि पुलिस कर्मचारी भर्ती का अधिकार प्रदेश सरकार को है, इसीलिए नेपाल पुलिस की ओर से सार्वजनिक विज्ञापन को रोकना जरुरी है । रिट निवेदन में विज्ञापन बदर और पुलिस कर्मचारी समायोजन के लिए मांग किया गया है ।
प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय, गृह मन्त्रालय और पुलिस प्रधान कार्यालय को विपक्ष बनाकर दायर रिट में कहा गया है कि सार्वजनिक विज्ञापन उत्प्रेषण का आदेश द्वारा बदर किया जाए । इसीतरह पुलिस कर्मचारी समायोजन होने के बाद ही रिक्त दरबन्दी में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए परमादेश आदेश जारी करने के लिए रिट में मांग किया गया है ।
इसीतरह बिहीबार ही मन्त्री यादव ने संघीय सरकार के विरुद्ध एक और निवेदन भी पंजीकृत किया गया है । रिट निवेदन में कहा गया है कि संविधान में फौजदारी और देवानी प्रकृति का कानून बनाने का अधिकार प्रदेश सरकार को है, लेकिन संघ, प्रदेश और स्थानीय ऐन द्वारा प्रदेश अधिकार को कुंठित हो रहा है ।

