Thu. Aug 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

दुसरे के घर कम करके गुजर चलने वाली दुलारी देवी को मधुबनी पेंटिंग ने दिलाया पद्मश्री

 

 

मधुबनी. जिले की रांटी गांव निवासी दुलारी देवी को इस साल पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित (Dulari Devi honored with Padma Shri) करने की घोषणा हुई है. 53 वर्षीया दुलारी देवी अलग-अलग विषयों पर अब तक तकरीबन 8 हजार पेंटिंग बना चुकी हैं. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने की सूचना मिलने पर दुलारी देवी काफी खुश हैं. उनकी कामयाबी पर उनके रांटी गांव समेत पूरे मधुबनी में जश्न का माहौल है. दुलारी देवी का पद्मश्री पुरस्कार तक का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. मल्लाह जाति से आने वाली दुलारी देवी का पद्मश्री पुरस्कार तक का सफर ग्रामीण महिलाओं को प्रेरणा देने वाला है.

यह भी पढें   अत्यन्त जरुरी खोजी अपिल

घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के चलते अपनी मां के साथ पड़ोस में रहने वाली मिथिला पेंटिंग की मशहूर आर्टिस्ट महासुंदरी देवी और कर्पूरी देवी के घर झाड़ू-पोंछा का काम करने लगीं. इसी दौरान महासुंदरी देवी और कर्पूरी देवी को पेंटिंग करते हुए देखकर पेंटिंग करने लगी. शुरू में घर-आंगन की दीवारों पर मिट्टी से पेंटिंग करती थी,फिर लकड़ी की कूची बनाकर कागज और कपड़ों पर भी अपनी कला को उतारने लगीं. धीरे-धीरे उनकी बनाई पेंटिंग को सराहना मिलने लगी, फिर कर्पूरी देवी की हौसलाअफजाई ने उन्हें काफी हिम्मत दी.

यह भी पढें   भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर की बात, सहयोग के लिए प्रतिबद्ध

दुलारी देवी की कला के कद्रदानों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जाने-माने वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम समेत कई बड़े नेता और अभिनेता भी शामिल रहे हैं. दुलारी देवी का कहना है कि- उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए तमाम मुश्किलातों से गुजरना पड़ा. पर अब वो चाहती हैं कि उनके गांव की लड़कियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े, लिहाजा वो अपने गांव की महिलाओं व लड़कियों को पेंटिंग की शिक्षा देना चाहती हैं.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com