शंकर पोखरेल पुनः मुख्यमन्त्री में नियुक्त, प्रतिपक्षी दलों की आकस्मिक बैठक
बुटवल, २ मई । लुम्बिनी प्रदेश के मुख्यमन्त्री में पुनः शंकर पोखरेल नियुक्त हो गए हैं । प्रदेश प्रमुख धर्मनाथ यादव ने संविधान की धारा १६८ (१) अनुसार नेकपा एमाले लुम्बिनी प्रदेश संसदीय दल के नेता पोखरेल को पुनः मुख्यमन्त्री में नियुक्त किया है ।
तीन साल पहले संविधान की धारा १६८ (२) अनुसार मुखमन्त्री निर्वाचित पोखरेल ने आज ही पद से इस्तिफा दिया था । इस्तिफा देते ही उन्होंने बहुमत सदस्यों की हस्ताक्षर सहित संविधान की धारा १६८ (१) अनुसार पुनः मुख्यमन्त्री में नियुक्ति के लिए दावा किया था ।
स्मरणीय है, तत्कालीन नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) से निर्वाचित विमला वली ने माओवादी केन्द्र पार्टी चयन करने के कारण पोखरेल के पास बहुमत नहीं है कहते हुए नेपाली कांग्रेस, नेकपा माओवादी केन्द्र, जनता समाजवादी पार्टी जैसे पार्टियों ने पोखरेल को मुख्यमन्त्री नियुक्त ना करने के लिए कहा था । लेकिन पोखरेल मुख्यमन्त्री में पुनः नियुक्त हो चुके हैं ।
पोखरेल पुनः मुख्यमन्त्री में नियुक्त होते ही विपक्षी दलों ने आकस्मिक बैठक आह्वान किया है । नेपाली कांग्रेस, माओवादी केन्द्र, जनता समाजवादी पार्टी सम्मिलित नेताओं ने दावा किया है कि मुख्यमन्त्री के पास बहुमत नहीं है । उन लोगों ने कहा है कि मुख्यमन्त्री ने अपने बहुमत दिखाने के लिए जो हस्ताक्षर प्रदेश प्रमुख को दिया है, उसमें विमला वली की हस्ताक्षर नकली है । स्मरणीय है, आज ही वली ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा था कि वह एमाले के साथ नहीं, माओवादी के साथ हैं । इसी विषयों को लेकर प्रतिपक्षी दलों के बीच विमर्श हो रही है ।

