‘पार्टी एकता के लिए ओली पक्ष द्वारा किए गए आह्वान का कोई भी अर्थ नहीं है’

काठमांडू, ७ मई । प्रधानमन्त्री एवं नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपीशर्मा ओली की ओर से की गई पार्टी एकता प्रस्ताव को वरिष्ठ नेता माधवकुमार नेपाल समूह ने इन्कार किया है । नेपाल समूह का मानना है कि यह उनकी नई रणनीति एवं चालबाजी है, इसका कोई भी अर्थ नहीं है । उन्होंने यह भी बताया है कि ओली की ओर से की गई एकता प्रस्ताव के सम्बन्ध में विचार–विमर्श के लिए आज सोमबार १० बजे पार्टी स्थायी कमिटी बैठक होने जा रहा है, बैठक से ही आधिकारिक धारणा सार्वजनिक की जाएगी ।
इसीतरह नेकपा एमाले की नेतृ रामकुमारी झाँक्री ने भी सामाजिक संजाल में लिखते हुए कहा है कि ओली समूह फिर भी नयां चालबाजी में हैं, मीडिया में चर्चा के लिए ही उन्होंने पार्टी एकता के लिए आह्वान किया है । उन्होंने कहा है– ‘अगर सच में ही एकता के लिए प्रयास किया गया होता तो दो पक्ष के बीच सहमति होना चाहिए, वरिष्ठ नेता माधव नेपाल सहित के संयुक्त वक्तव्य आना चाहिए ।’ उन्होंने कहा है कि सिर्फ ओली की ओर से जारी विज्ञप्ति पार्टी एकता संबंधी सही नियत के साथ नहीं आया है । ओली द्वारा सार्वजनिक वक्तव्य को लेकर भ्रम में ना रहने के लिए भी उन्होंने अनुरोध किया है ।
स्मरणीय है, अध्यक्ष ओली ने आइतबार आधि रात में विभिन्न शर्तो के साथ पार्टी एकता आह्वान करते हुए एक विज्ञप्ति जारी किया था । जहां उन्होंने कहा है कि पार्टी एकता के लिए कांग्रेस सभापति शेरबहादुर देउवा को प्रधानमन्त्री बनाने की मांग के साथ सर्वोच्च अदालत में दायर रिट को वापस करना होगा, बदले में आज तक पार्टी के नेताओं के ऊपर की गई कारवाही को भी वापस की जाएगी और पार्टी को वि.सं. २०७५ जेष्ठ ३ गते की परिस्थिति से संचालन की जाएगी ।

