श्री लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मन्दिर द्वारा स्रष्टाओं को किया गया सम्मानित
काठमान्डू१७जुलाई
विश्वव्यापि महामारी कोविड को ध्यान में रखते हुए तथा सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए श्री लूनकरणदास गंगादेवी साहित्यकला मंदिर ने स्रष्टा सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन सादगी एवं संक्षिप्त रूप से किया है । समारोह में साहित्य, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया ।

साहित्य कला मंदिर का अत्यन्त ही विशिष्ट सम्मान “गंगादेवी चौधरी स्मृति सम्मान” इस बार राष्ट्रीय आविष्कार केन्द्र को वैज्ञानिक शोध तथा अनुसंधान के माध्यम से नेपाली युवा वैज्ञानिकों को सक्रिय करने हेतु डा महावीर पुन को दिया गया ।

“सरस्वती सम्मान” प्राध्यापक चूडामणि रेग्मी जी को नेपाली पत्रकारिता के अथक साधक के रूप में प्रदान किया गया । “इतिहासशिरोमणि बाबुराम आचार्य शोधसम्मान” प्रा.डा. श्रीमती वीणा पौड्याल जी को नेपाली अनुसंधान क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया गया । इसी तरह “गोपालप्रसाद रिमाल काव्यसम्मान” श्री विश्वमोहन श्रेष्ठ जी को प्रदान किया गया । ललितकला क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान प्रदान करने के लिए “अरनिको ललितकला सम्मान” नेपाली कला की अथक साधिका श्रीमती रागिनी उपाध्याय जी को प्रदान किया गया । इस अवसर पर रागिनी जी ने अपनी कलाकृति अध्यक्ष बसद्दत चाैधरी जी को उपहार स्वरुप प्रदान किया ।
श्री नन्दकृष्ण जोशी जी को “नारायण गोपाल संगीत सम्मान” दिया गया । नेपाली नाट्यकर्मी श्री वीरेन्द्र हमाल जी को “बालकृष्ण सम रंगसम्मान” से नवाजा गया । नेपाली क्रिकेट का उभरता और चमकता सितारा “संदीप लामिछाने” को इस बार का नेपाल नवप्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया ।

श्री लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मन्दिर के अध्यक्ष श्री बसन्त चौधरी जी ने अपने अध्यक्षयीय वक्तव्य में सभी विभूतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कीर्ति सगरमाथा की तरह ऊँचाइयों को छुए । समारोह समापन साहित्यकलामंदिर के उपाध्यक्ष श्री हरिहर शर्मा जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ । कार्यक्रम संचालन कार्यकारी समिति सदस्य श्री राजेन्द्र शलभ जी के द्वारा संपादित हुआ ।






