शारदीय नवरात्र : कल 7 अक्टूबर गुरुवार को माँ भगवती डोला पर सवार होकर आ रही है
*शारदीय नवरात्र:-*

कल 7 अक्टूबर गुरुवार को माँ भगवती डोला पर सवार होकर आ रही है।
और 15 अक्टूबर शुक्रवार को विजयादशमी के दिन गज (हांथी) से जाएंगी।
वैसे देवी दुर्गा का वाहन तो शेर होता है। लेकिन नवरात्र में मां पृथ्वी पर दिनों के अनुसार वाहन से आती हैं। और दिनों के अनुसार वाहन से जाती हैं। मान्यता है कि देवी माँ जिस वाहन से आती हैं और जिस वाहन से जाती हैं, उसीका विशेष प्रभाव पृथ्वी पर पड़ता है, और उसका विशेष महत्व होता है। देवीभागवत पुराण के अनुसार मां दुर्गा का आगमन एवं गमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है।-
नवरात्र मे भगवती के आगमन और गमन के बारे मे देवीभागवत मे जो बताया गया है। जो इस प्रकार है।👇
*आगमन*
*शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।*
*गुरौ शुक्रे च डोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता ।।*
*जिसका फल इस प्रकार है।*👇
*गजे च जलदा देवी क्षत्र भंग स्तुरंगमे।*
*नोकायां सर्वसिद्धि स्या ढोलायां मरणं ध्रुवम्।।*
*इसी प्रकार भगवती के गमन के लिए ये श्लोक है।*👇
*शशि सूर्य दिने यदि सा विजया,* *महिषागमने रुज शोककरा।*
*शनि भौमदिने यदि सा विजया चरणायुध यानि करी विकला।।*
*बुधशुक्र दिने यदि सा विजया गज वाहन गा शुभ वृष्टिकरा।*
*सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहन गा शुभ सौख्य करा॥*
इस बार डोला पर माता का आगमन जनमानस लिये कुछ चिंताजनक माना जाएगा, इससे किसी प्रकार के उपद्रव, महामारी, या राष्ट्र युद्ध से मरण जनसंख्या ह्रास, आपसी और विरोधियों कलह का सामना करना पड़ सकता है।
जबकि हांथी पर गमन जल, वृष्टि, अन्न धन की प्राप्ति तथा विभिन्न प्रकार के रोग शोक निवारक भी हो सकता है।
*अतः इस वर्ष भी खास कर हाँथ में कलश लिए, शांत रूप में शेर के आगे खड़ी माता जी के स्वरूप का दर्शन पूजन करना सभी व्याधियों से छुटकारा दिलाने वाला होगा। इस रूप में माता जी की स्थापना, पूजन सबके लिए शुभद सुखद एवं मंगलमय होगा और माता जगदम्बा सबकी सभी मनोकामना पूर्ण करेंगी।*
इस बार गुरुवार को प्रातः 8:14 तक प्रतिपदा का संयोग अत्यंत शुभद होगा। और फिर 8 दिन बाद *15 अक्टूबर शुक्रवार को विजयादशमी सबके लिए शुभद एवं प्रसन्नतादायक होगा।*
*इस बार का शारदीय नवरात्र पूजन से भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होगी । वहीं इस बार 8 दिनों तक माँ अम्बे की पूजा-अर्चना होगी, जबकि नौवें दिन शुक्रवार को माँ की विधि-विधान के साथ पूजन कर जयंती ग्रहण कर नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।*
1, *शारदीय नवरात्र 2020 कलश स्थापना एवं माता शैलपुत्री पूजन :-*
07/10/2021 गुरुवार को
प्रथम मुहूर्त :- प्रातः 6:15 से प्रातः 7:15 तक ।
द्वितीय मुहूर्त :-
प्रातः 9 बजे से 10:30 तक।
*श्रेष्ठ मुहूर्त :- अभिजीत मुहूर्त :-*
*दिन में – 11:36 से 12:36 तक।*
चतुर्थ मुहूर्त :- दिन में 1:50 से 3:38 बजे तक रहेगा।
2, *द्वितीया ब्रह्मचारिणी पूजन :-*
08/10/2021 शुक्रवार को शुभ होगा।
3, *तृतीया चन्द्रघण्टा पूजन :-*
09/19/2021 शनिवार को शुभ है।
4, *चतुर्थी कुष्मांडा पूजन :-*
10/10/2021 रविवार को शुभ होगा।
5,-6,*पंचमी स्कंदमाता एवं षष्ठी कात्यायनी पूजन :-*
11/10/2021 सोमवार को शुभ है। आज ही अपराह्न बिलवाभिमंत्रण सबके लिए शुभ होगा।
7, *महासप्तमी कालरात्रि पूजन, डोली यात्रा, नवपत्रिका प्रवेश, मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा एवं पट प्रदर्शन :-*
12/10/2021 मंगलवार को किया जाएगा। आज रात्रि 1:48 से अन्नपूर्णा परिक्रमा आरम्भ हो जाएगा।
8, *महाअष्टमी/ महागौरी पूजन, कुमारिका पूजन एवं महानिशा पूजन*
13/10/2021 को बुधवार को महाष्टमी व्रत पूजन, कुमारिका पूजन एवं रात्रि *10:30 से रात्रि 11:41 तक महानिशा पूजन* अन्नपूर्णा परिक्रमा एवं दुर्गा बलिदान किया जाएगा।
9, *महानवमी व्रत दुर्गा नवमी एवं नवरात्र हवन*
14/10/2021 *गुरुवार को व्रत पूजन एवं प्रातः से रात्रिव10 बजे तक हवन किया जाएगा।*
10, *विजयादशमी, जयंती ग्रहण एवं नवरात्र व्रत का पारण :-*
15/10/2021 *शुक्रवार को प्रातः दशमी पूजन, शमी पूजन, जयंती ग्रहण, देवी विसर्जन पूर्वक नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।*
*इस वर्ष शुक्रवार के प्रातः हांथी पर माता जी का गमन उत्तम वृष्टि,अन्न धन की परिपूर्णता, सबके जीवन मे प्रसन्नता, उत्तम आयु आरोग्यता के साथ सबके मार्ग प्रसस्त करे और आने सबका जीवन सुखमय हो।*
*इस वर्ष का शारदीय नवरात्र सभी मातृ भक्तों के लिए सुखद , शुभद, एवं मंगलमय हो….*
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*हरि ॐ गुरुदेव.. ज्योतिषाचार्य राधाकान्त शास्त्री*
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