Fri. Sep 11th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल में वर्षों से चला आ रहा है तिहार पर्व के बहाने पशु प्रेम

 

वरुण मिश्रा की रिपोर्ट, (हिन्दुस्तान दैनिक पेपर से साभार) । नेपाल में दीपावली के साथ पांच दिवसीय पर्व-त्यौहार विभिन्न पूजा अनुष्ठान के साथ हर्षोल्लास के साथ सम्पन हुआ ।नेपाल में तिहार पर्व मनाने की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है ।जिसमें प्रकृति में निहित पशु पक्षी से प्रेम दर्शाया जाता है।पशुओं के प्रति प्रेम दर्शाने वाले तिहार पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ ही शुरू होती है। इस मौके पर अलग-अलग दिन कुक्कुर , कौवा, गाय का पूजा का परंपरा है जो सदियों से चला आ रहा है।इसी दौरान नेपाल की राष्ट्रीय पशु गाय है जिसका पूजा श्रद्धा के साथ नेपालवासी करते हैं।गौरतलब हो कि नेपाल में गौ हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। गौ हत्या पर कड़े कानून है ।
नेपाली समाज इस दौरान यमराज के दूत के रूप को माने जाने वाले कौवे का पूजन करते है। घरों के छतों एवं छज्जियों पर मिष्ठान एवं स्वादिष्ट भोजन कोवे के लिए रखने की परम्परा है।
कुत्ते और कुक्कुर तिहार पर्व पर भगवान भैरव के प्रतिरूप के रूप में कुत्ते की पूजा नेपाली लोग करते है। कुत्ते के सिर पर लाल रोली लगाकर फूलों की माला पहनाते हैं , और मिठाई खिलाते है ।
बिराटनगर निवासी 1 नंबर प्रदेश के नव नियुक्त आन्तरिक मामिला तथा कानून मंत्री केदार कार्की, प्रदेश सांसद चुम नारायण तबदार , नेपाली कांग्रेस का युवा नेता द्वय राजेश गुप्ता , रंजीत झा ने बताया इस पांच दिवसीय त्यौहार के मौके पर सरकारी छुट्टी भी रहता है ताकि लोगो को तिहार ( त्यौहार) मनाने में कोई परेशानी न हो ।

यह भी पढें   अग्रगामी मोर्चा का गांव-वार्ड तक संगठन विस्तार, सर्लाही बैठक में बनी रणनीति

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com