नया साल : इं. निशान्त सक्सेना “आहान”.
: नया साल
नया साल नए लक्ष्य बनाने हैं,
समाप्त कर नकारात्मकता,
नए सकारात्मक कदम बढ़ाने हैं,
बन हवा का तीव्र झोंका,
हर कठिनाई को पार करते जाना है,
बहुत आएंगे तुझे गिराने वाले,
तुझे बस आगे बढ़ते जाना है,
सूरज सा तेज नहीं,
दीपक से जलते जाना है,
आत्मविश्वास और निष्ठा से,
नया मुकाम बनाना है,,
नए साल में नए लक्ष्य बना,
विजय पताका लहराना है।



