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एमसीसी के लिए सत्ता गठबंधन संकट में ! एमाले–कांग्रेस समीकरण में नयां सरकार की चर्चा

 

काठमांडू, १८ फरवरी । अमेरिकी सहयोग परियोजना (एमसीसी) को लेकर राजनीतिक दलों में तीव्र दौड़धूप जारी है । प्रधामन्त्री शेरबहादुर देउवा जिस तरह भी एमसीसी सम्झौता को संसद् से पारित करना चाहते हैं । बताया गया है कि इसके लिए प्रधानमन्त्री देउवा वर्तमान सत्ता गठबंधन तोड़ने के लिए भी तैयार हैं, ऐसी मानसिकता में वह पहुँच चुके हैं और आवश्यक विचार–विमर्श के लिए उन्होंने कांग्रेस के विभिन्न नेताओं को परिचालन किया है ।
नेपाली कांग्रेस निकट स्रोत का दावा है कि बिहिबार शाम नेकपा एमाले के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली और प्रधानमन्त्री देउवा के बीच सम्पन्न भेटवार्ता का संकेत भी यही है । एमाले अध्यक्ष ओली से मिलने से पहले प्रधानमन्त्री देउवा ने सत्ताधारी गठबंधन के शीर्ष नेताओं के साथ एमसीसी संबंधी विषय को लेकर विचार–विमर्श किए थे । उक्त बैठक में प्रधामन्त्री देउवा ने कहा था– ‘ज्यादा मैं कुछ भी नहीं जानता, अब आप लोग मुझे एसीसी टेबल करने के लिए अनुमति दें, इसके लिए आप लोगों ने प्रतिबद्धता भी किया है ।’ प्रधानमन्त्री देउवा ने स्पष्ट कहा है कि आगामी संसद् बैठक में जैसे भी एमसीसी टेबल की जाएगी । लेकिन नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल अपनी पुरानी ही अडान (संशोधन के बिना एमसीसी पास नहीं हो सकता) में रहने के कारण प्रधान्त्री देउवा उसके तुरन्त बाद एमाले अध्यक्ष ओली से मिलने के लिए पत्नी आरजु देउवा के साथ ओली निवास बालकोट पहुँच गए थे ।
बताया गया है कि अगर सत्ताधारी गबंधन में सामील माओवादी केन्द्र तथा नेकपा समाजवादी एमसीसी पास करने के लिए तैयार नहीं रहेगी तो देउवा एमाले के साथ मिलकर एमसीसी पास करने के लिए सोच रहे हैं । लेकिन इसके लिए एमाले ने महत्वपूर्ण दो शर्त को आगे बढ़ाया है । एमाले अध्यक्ष ओली ने देउवा से साफ–साफ कहा है कि अगर वर्तमान सत्ता गठबंधन तोड़ा जाता है तो एमाले एमसीसी पास करने के लिए तैयार हो सकती है । इसीतरह संसद् बिघटन, आगामी वैशाख–जेष्ठ में ही ‘अर्लिइलेक्सन’ और एमाले की सत्ता में सहभागिता संबंधी शर्त भी एमाले की ओर से आया है । सिर्फ प्रधानमन्त्री देउवा की ओर से ही नहीं, कांग्रेस नेता मिनेन्द्र रिजाल, सूचना, प्रविधि तथा संचारमन्त्री ज्ञानेन्द्र बहादुर कार्की जैसे नेता भी एमाले के विभिन्न तह के नेताओं से निरंतर संपर्क में हैं ।
बताया गया है कि हर चरण के विचार–विमर्श में एमाले नेता एमसीसी पास करने के लिए सकारात्मक हैं । लेकिन शर्त है– वर्तमान सत्ता गठबंधन तोड़कर एमाले के साथ सहकार्य होना चाहिए । यह भी बताया गया है कि अगर माओवादी केन्द्र तथा प्रचण्ड एमसीसी के पक्ष में नहीं आते हैं तो ऐसा करने के लिए प्रधानमन्त्री देउवा भी सकारात्मक हैं । पत्नी आरजू के साथ बिहिबार शाम देउवा ओली निवास बालकोट पहुँचने के पीछे का संकेत भी यही है ।

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