“उठो,जागो बहनें ‘ : कमला भंसाली जैन
“अंतर राष्ट्रीय नारी दिवस 8 मार्च।पर कविता।
अंतर राष्ट्रीय नारी दिवस हर वर्ष 8,मार्च, का है घोषित,
संवेदना उन सभी बहनों के प्रति,जो है प्रताड़ित -शोषित।
हर साल इस दिन को बड़े उत्साह से मनाया जाता है,
नारी को पुरुष के बराबर सम्मान मिले बताया जाता है।
पर क्या ?हमारी कथनी -करनी में है समानता,
आधुनिकता की दौड़ में बचा सकी हैं अपनी अस्मिता।
हाँ यह सच है,शिक्षा के हर विभाग में नारी आगे बढ़ी है,
हिम्मत,साहस से पर्वतारोही बन शिखरों चढ़ी है।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, बड़े से बड़े मंत्री पद को शोभित किया है,
देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान भी दिया है।
फिर भी हम जो बहनों में देखना चाहती हैं -वो नही दीख रहा है,
इसका कारण जानने के लिए
मनोबल चीख रहा है।
आज रिश्ते-नातों से दूर राष्ट्र,समाज परिवार टूट रहे हैं,
मर्यादा,अनुशासन,वैश्विक नियम क्यों छूट रहे हैं।
हमने जिस देश मे जन्म लिया,उस कर्मभूमि को मत भूलें,
उस देश की संस्कृति को कायम रखने हटानी है बाधक शूलें ।
श्रम, सेवा ,सहिष्णुता ,अनाग्रह ,संयम से जो होगा हमें प्राप्त,
इन सारे आवश्यक बिंदुओं को हमे करना होगा आत्मसात।
परिवर्तन अपेक्षित है,मानवियता की रक्षा के लिए,
बनना संकल्पित है महिलाओं की सुरक्षा के लिए।
उठो!जागो!इक -दूजे की सहायक बनो!21,वीं सदी की प्रबुद्ध नारी!,
“कमला’कुछ ऐसा कर दिखलाएं
सृजन आने वाला युग रहे हमारा आभारी।।
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अंतर राष्ट्रीय नारी दिवस की सभी बहनों को शुभकामनाएं।
कमला भंसाली जैन।राजबिराज।नेपाल।
982-5733440: 122वें, अंतर राष्ट्रीय नारी दिवस पर कविता।


