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हिन्दू राष्ट्र स्वाभिमान जागरण अभियान द्वारा प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी एवं साहित्य परिचय कार्यक्रम का आयोजन

 

काठमांडू, चैत्र 5 गते2078। आज राजधानी में प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी एवं साहित्य परिचय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम संयोजक डा बासुदेव कृष्ण शास्त्री की अध्यक्षता में तथा हिन्दू राष्ट्र स्वाभिमान जागरण अभियान द्वारा आयोजित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदु राष्ट्र की आवश्यकता पर प्रकाश डाला । पहला वक्ता के रूपमे स्वागत करते हुए श्री कल्याण जी ने कहा कि हमने जो हिंदु राष्ट्र खो दिया है उसको जैसे भी हमे पुनर्स्थापित करना है । हमे अपने संस्कृति को बचाने के लिए भी हिन्दू राष्ट्र को लाना बहुत ही आवश्यक है ।
समरोह में पूर्व प्रधान सेनापति श्री रुक्मांगद कटुवाल जी का सन्देश पढ़ कर सुनाया गया । अस्वस्थता के कारण श्री कटुवाल उपस्थित नही हो सके थे।
समरोह में अभियान द्वारा प्रकाशित कुछ साहित्य तथा साहित्यिक गतिविधि की जानकारी दी गई । नेपाल एक हिन्दू राष्ट्र ही है इसकी तथ्यगत वर्णन किया गया । इस अवसर पर ‘गौरवशाली हिन्दुराष्ट्र नेपाल’ नामक एक पुस्तिका का वितरण किया गया। पुस्तिका के पेज 24 में उल्लेख है कि धर्मनिरपेक्षता एक भरम है । श्री देवेश झा ने साहित्यिक जानकारी दी । विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रहरी महानिरीक्षक श्री अच्युतकृष्ण खरेल ने अपने शुभकामना मन्तव्य में कहा कि हम धर्म से कभी अलग नही हो सकते । जहाँ धर्म और संस्कृति नहीं है वह देश सजीव देश नही हो सकता वह निर्जिव देश कहा जायेगा । धर्मनिरपेक्ष के मार्फत हिंदुओं पर आक्रमण किया गया है।
श्री नर बहादुर कड़ेल जी ने भी शुभकामना सन्देश दिया । आर एस एस के प्रमुख श्री रेवित जी का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया ।
प्रमुख अतिथि के रूपमे अपना उद्बोधन देते हुए पूर्व प्रधानन्यायधीश श्री गोपाल पराजुली जी ने कहा कि मैं जन्मजात हिन्दू होने के नाते कह सकता हूँ हम जो धर्म अनुसरण कर रहें हैं उसको व्यवहार में लाना जरूरी है । संसार मे 57 राष्ट्र ईसाई है 33 राष्ट्र इस्लामिक है । हमे भी गर्व से कहना चाहिए कि हम हिन्दू है । धर्मनिरपेक्षता शब्द से हमारा संस्कार पर आक्रमण होता है ।

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