एक दिन मेरे परिवार–गुरुओं और देश को मुझ पर गर्व होगा : रबानी जौली

हिमालिनी पत्रिका, अंक फरवरी 2022 ।मात्र १२ साल की उम्र में ही रबानी जौली ने इःन् ध्यचमि द्यययप या च्भअयचम वल्र्ड रिकार्ड हासिल कर इतिहास रच डाला । जी हाँ आप चौंकिए नहीं यह आठवीं कक्षा की छात्रा, देश विदेश की १०० से अधिक भाषाये आसानी से पढ़ सकती हैं । इसके आलवा रबानी आंखों पर काली पट्टी बांध कर किताबे, अखबार आदि सब कुछ पढ़ सकती है । इतना ही नही यह करेंसी नोट, उसके नंबर, रंग या अन्य कोई भी चीजÞ हो उसके बारे में सब कुछ बता सकती है । परन्तु राज की बात यह है कि रबानी के जीवन में इनके दादा–अंकल जौली जी की बड़ी भूमिका रही है जो स्वयं लेखक एवं प्रेरक वक्ता के रूप में विश्वविख्यात हैं जिन्होंने ३८ पुस्तकें लिखी हैं इनके लेख राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं । अंकल जौली के साक्षात्कार ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान एवं कनाडा के प्रमुख टीवी चैनलों पर प्रसारित हो चुके हैं । उन्ही की पौत्री रबानी जौली भी अपने दादा जी की तरह अल्पायु में ही वैश्विक प्रसिद्धि अर्जित कर रही है । पिछले दिनों लाकडाउन के कारण हमारे दिल्ली ब्यूरो प्रमुख एस.एस.डोगरा ने ईमेल एवं पÞmोन माध्यम से रबानी जौली का साक्षात्कार किया । आपके समक्ष प्रस्तुत है साक्षात्कार के सम्पादित अंशः
० आपका पसंदीदा शिक्षक कौन है ?
– मैं भटनागर इंटरनेशनल स्कूल, पश्चिम विहार में पढती हूं । मेरे स्कूल में सारे टीचर हमें बहुत अच्छा पढ़ाते हैं और मजेदार गुण सिखाने के साथ हमें विषय को समझने में मदद करते हैं । लेकिन जब हम कुछ गलत करते हैं, तो वे हमें अनुशासित जरूर करते हैं और हमें अच्छा व्यवहार सिखाते हैं । सभी शिक्षक कमजोर छात्रों का बहुत ध्यान रखते हैं और कक्षा के बाद भी उनकी पढ़ाई में मदद करते हैं । इसीलिए मुझे अपने सभी टीचर अच्छे लगते हैं ।
० आप अपने दादाजी को क्यों पसंद करते हैं ?
– मैं सच में अपने दादा जी से बहुत प्यार करती हूं क्योंकि दादू देखभाल करने वाले, खेल के साथी, तनाव से राहत देने वाले, कहानीकार के साथ अनुसाशित जीवन जीने का तरीके बताते हैं । मेरे दादा जी हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के साथ–साथ एक मार्गदर्शक की तरह सहयोग करते है, चाहे वह घर हो या स्कूल का कोई काम । वह हमेशा मुझे सभी नवीनतम समाचारों, सामाजिक जागरूकता, दुनिया भर में क्या हो रहा है जैसी चीजों से अपडेट रखते है । मुझे लीक से हटकर सोचने और अनूठा लीडर बनने के लिए हर समय प्रोत्साहित करते है । डेट्स व्हाई आई लव माई ग्रैंडफादर वैरी मच ।
० आपका रोल मॉडल कौन है ?
– असल जीवन में रोल मॉडल वह व्यक्ति होता है जिस के गुणों को हम दिल से प्यार करते हैं और उनके जैसा बनना चाहते हैं इसके अलावा रोल मॉडल एक सेलिब्रिटी से लेकर राजनेता या हमारे परिवार के सदस्य तक कोई भी हो सकता है । मेरे आदर्श डा‘ एपीजे अब्दुल कलाम हैं, वे एक महान इंसान और धर्मनिरपेक्ष भारत के मा‘डल थे । वे युवाओं के साथ–साथ देश–विदेसियो के लिए भी प्रेरणास्रोत रहे हैं ।
० आपके मुख्य शौक क्या हैं ?
– मुझे नृत्य, पेंटिंग, यात्रा करना, बैडमिंटन खेलना एवं संगीत सुनना बहुत पसंद है
० क्या आपको किताबें, फिल्म, ऐप या गूगल बाबा पसंद हैं ? कृपया इस के बारें में विस्तार से समझाएं !
– किताबों और फिल्मों के अपने–अपने फायदे हैं दोनों से ही काफी कुछ नया सीख सकते हैं । ऐप्स समय बचाते हैं वे हमारे लिए चीजों को हासिल करना आसान और अधिक सुविधाजनक बनाते हैं । वहीँ गूगल अब हमारी जिन्दगी का अहम हिस्सा बन चुका है । हमारी कोई भी समस्या हो या किसी प्रकार की जानकारी चाहिए हो तो उस का हल पाने के लिए हमारा ध्यांन सबसे पहल गूगल की तरफ ही जाता है ।
० आपकी महत्वाकांक्षा क्या है, आप भविष्य में क्या करना चाहती हैं ?
– जीवन में मेरी भी महत्वाकांक्षा है कि मैं एक यूनिक लीडर बनकर किसी भी क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करना चाहूँगी ।
० आप जीवन में वास्तव में क्या बनना चाहती हैं ?
– आने वाले समय में क्या होगा यह तो मैं नही जानती लेकिन एक बात पक्के तौर से कह सकती हककू कि मैं जो कुछ भी करूगी वो बिल्कुल लीक से हट कर होगा । मैं कभी भी भीड़ का हिस्सा नही बनूँगी । मैं कुछ ऐसा करना चाहती हूं एक दिन मेरे परिवार–गुरुओं और देश को मुझ पर गर्व होगा ।

