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करिश्माई राजनीति (व्यग्ंय) :- बिम्मी कालिन्दी शर्मा,

 

बिम्मी कालिन्दी शर्मा, बिरगंज । राजनीति मे अनेक करिश्मा होते ही रहते है । नेपाल की राजनीति तो और ज्यादा ही करिश्माई है । और ईसे ईतना कशिश और दिलकस बना देते है राजनीति में प्रवेश करने वाले अभिनेता और अभिनेत्रियां । नेपाल की राजनीति में भी ऐसा ही करिश्मा हुआ है नेपाली फिल्म की अभिनेत्री करिश्मा मानन्धर की नेकपा एमाले पार्टी प्रवेश से । ईस से पहले करिश्मा बाबुराम भट्टराई की पार्टी में थी । वंहा से कुछ अनुभव बटोर कर और ज्यादा परिपक्व हो कर करिश्मा ने एमाले ज्वाईन किया है । ईसका मतलब और ज्यादा करिश्मा होगा । वैसे एमाले के लिए वह उतरन ही है यानी कि सेकेंड हैंड । पहले तो वह बाबुराम की पार्टी में थी और उसके बाद एमाले में आई उतरन ही हूई न ?
जब बाबुराम की पार्टी में थी तब अपने दिल के पास बनें टाटू के कारण चर्चित थी अब शायद उससे भी बडा एमाले पार्टी का लोगो वाला टाटू बना कर चर्चा में आ सकती है । आखिर में अभिनेत्री है बिना चर्चा में आए कैसे रह सकती है । ईसी लिए कोई न कोई खुराफात जरुरी है । वैसे जब वह बाबुराम की पार्टी में थी तब वह मेट्रिक भी पास किया और धिरे धिरे ईंटर की भी पढाई की और ज्यादा परिपक्व हो गई और उन्हें राजनीति की समझ जल्दी-जल्दी होने लगी । ईसी लिए तो नेपाल के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सबसे ज्यादा विवादास्पद और चर्चा में रहने वाली राजनीतिक पार्टी नेकपा एमाले ही उन्हें सबसे ज्यादा भाया और एक पेड से दुसरे पेड में चीडिया की तरह फुदक कर चली गईं । वैसे एमाले के राजनीतिक डाल पर वह कितने दिन टिकेगी यह तो आनेवाला समय ही बताएगा ।
नेपाल की आवादी तीन करोड है । उसमें से कई लाख लोग खाडी या अन्य मूल्क में विभिन्न प्रयोजन से गए हैं । मधेश में तो नेपाली फिल्म बहुत कम देखा जाता है । ईस लिहाज से देश की कूल आवादी के कितने प्रतिशत लोग जानते होगें और उनके अभिनय का लोहा भी मानते होगें ? विज्ञापन के कारण भले ही पहचान ले पर अभिनय में तो जीरो हैं । सिर्फ चेहरा सुंदर होने से कुछ नही होता । आम लोगों मे ‘मास अपिलिगं’ कितना है यह मायने रखता है । भाषण करने की कला भी तो आनी चाहिए । सिनेमा में डायलॉग बोलने जैसा आसान नहीं है भाषण करना जिसे रि-टेक कर के दुरुस्त किया जा सके । और नेतृत्व कला का क्या ? जो राजनीति में सब से जरुरी है । नेपाल के धाकड नेताओं में तो नेतृत्व के गुण नहीं है तो करिश्मा किस खेत की मूली है ? आनेवाले चुनाव में वोट बटोरने या खिंचने के लिए करिश्मा सिर्फ एक आकर्षक चेहरा भर है । करिश्मा जीत भी दिलाएगी यह कहना मुश्किल है । नाम करिश्मा होने से ही अन्य सब करिश्मा अपने आप नहीं होता ।
राजनीति में करिश्मा होते हुए तो सबने देखा है पर करिश्मा की राजनीति कैसी होगी यह देखना बांकी है । ‘साईबेरियन बर्ड’ जैसे अन्य जगह या पार्टी से उड कर आए नेता या उम्मीदवार वैसे ही उड कर फिर वापस अपने घोंसले में जा भी सकते हैं । नेपाल में नेता बनना तो आसान है पर टिकना बहुत मुश्किल । पुराने और घाघ नेता ही अभी तक अपने आसन में जमे हुए हैं तो नई कलियों की बारी कब आएगी ? वैसे भी नेपाल की राजनीति में नेतृत्व तह में बहुत कम महिला है । बर्षों के जप तप से तो यह नेत्रियां अभी तक संसद को अपने पदचापों से गुंजायमान नहीं कर पायी है तो करिश्मा राजनीति में कौन सा ‘करिश्मा’ कर लेगी ? सिनेमा में फ्लप होने लगे, लोग तवज्जों देना कम कर दे तो राजनीति में आ कर ताली और गाली दोनो जम कर पाओ । पर जो राजनीति में निढाल हो जाते हैं और चुनाव में भी बार-बार हार जाते हैं क्या वह फिल्मों में जा कर अपना भाग्य आजमा सकते है ? अभिनेता नेता बन सकता है पर नेता का अभिनेता बन पाना बहुत मुश्किल है । वैसे झूटे और बेईमान नेताओं के लिए राजनीति भी एक अभिनय ही है । क्यों कि ईनके लिए राजनीति विशुद्ध पेशा या ब्यवसाय है ।
भले ही नेता लोग बहुत ही आदर्शवादी बातें करते हुए राजनीति को सेवा कह ले पर यह मेवा खाने वाला एक सफल पेशा या ब्यवसाय ही है । यदि ऐसा नहीं होता तो क्यों दुसरे पेशा वाले लोग राजनीति में घूस रहे है और चुनाव में टिकट पाने के लिए अनेक उठापटक कर रहे हैं । क्या करिश्मा सेवा करने के लिए राजनीति में आई है ? भले ही वह सेवा का चोगा पहन ले पर असलियत में राजनीति में पद हतिया कर मलाई मेवा खाना ही ईनका मकसद है । राजनीति अब कोई सेवा नहीं है बल्कि यह पेशा है और ईसको एक पेशे कि तरह ही लिया जाना चाहिए । ताकि ईसमें अधिक से अधिक योग्य लोग आ सकें और नेतृत्व दे सके । पर राजनीति एक सफल ब्यवसाय बन गया है जिसमें पूंजी पति ब्यापारी लगानी कर के मुनाफा कमा रहा है । आज ऐसी स्थिति बन चूकी है कि जिसके पास पैसा है वही चुनाव लडता भी है और जितता भी है । बांकी तो बाबाजी का ठुल्लू है । राजनीति विशुद्ध ब्यवसाय बन चूका है और विभिन्न राजनीतिक दलों के उग्र रवैए के कारण यह कंही ‘प्राईवेट लिमिटेड कंपनी’ बन कर न रह जाए ? राजनीति संभावनाओं का खेल है ईसी लिए राजनीति में करिश्मा तो होता ही रहता है पर अभिनेत्री करिश्मा मानन्धर के कारण देश की राजनीति सही ठौर पा जाए यह संभावना कम है । क्यों कि वह कोई करिश्माई व्यक्तित्व नही है कि कोई करिश्मा कर देगी । हां साडी, लिपिस्टिक, नेलपॉलिश और सेंडल का मैच कर देगी और काम्बिनेशन भी बना देगी । पर राजनीति ईससे बहुत आगे और उपर की चीज है जिसे करिश्मा से उम्मीद करना बेवकुफी ही होगी । ईसी लिए बस नाम ही करिश्मा है राजनीति में वह करिश्मा करेगी यह तो समय ही बताएगा कि करिश्मा क्या गूल खिलाएगी ?

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बिम्मी कालिन्दी शर्मा, बिरगंज

 

 

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